कृषि उप संचालक ने की आगामी खरीफ की तैयारियों की समीक्षा

 

किसानों को सलाह : कम पानी और कम समय में तैयार होने वाली किस्मों का उपयोग करें किसान

 

 

 

      आगामी खरीफ सीजन में किसानों को समय पर कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं मौसम आधारित कृषि प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए कृषि उप संचालक श्री अशोक कुमार उपाध्याय ने वीसी के माध्यम से विभागीय अधिकारियों की बैठक आयोजित कर आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा की।

 

      बैठक में उन्होंने किसानों के हित में व्यापक जागरूकता एवं परामर्श गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों के निर्देशित किया कि ग्राम स्तर तक उर्वरकों और गुणवत्तायुक्त बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा किसानों को उपलब्ध किस्मों एवं निर्धारित विक्रय दरों की जानकारी समय पर प्रदान की जाये।

 

      भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष खरीफ में मध्य प्रदेश के मध्य क्षेत्र में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना जताई गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को कम अवधि में पकने वाली सोयाबीन की किस्मों के बारे में जानकारी दी जाए।

 

किसानों को सलाह

 

      किसान बुवाई के समय सोयाबीन की प्रमुख किस्में जेसे JS 20-34 (85-88 दिन), JS 20-98 (90-92 दिन), JS 24-33 (90-92 दिन), NRC 130 (90-95 दिन), NRC 150 (90-91 दिन) का उपयोग कर सकते हैं। ये किस्में कम पानी और 80 से 95 दिन में तैयार हो जाती है।

 

      बैठक में जलभराव वाले क्षेत्रों में धान की खेती पर जोर दिया गया है। इस दौरान बताया गया कि जब मानसून की पहली या दूसरी अच्छी बारिश हो जाए और खेत की मिट्टी में तीन से चार इंच गहरी नमी बैठ जाये तभी बोवनी शुरू करनी चाहिए। कई बार किसान पहली हल्की फुहार पडते ही बोनी कर देते है, इससे बचना चाहिए। किसान डीएपी खाद उपलब्ध न होने पर इसके स्थान पर एनपीके और एसएसपी जैसे खाद का उपयोग कर सकते हैं।