गढ़ाकोटा में ई-20 मिश्रित पेट्रोल को लेकर बढ़ी चिंता, वाहन चालकों ने जताई परेशानी

 

गढ़ाकोटा। सागर जिले के गढाकोटा नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ई-20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल को लेकर वाहन चालकों में असंतोष देखने को मिल रहा है। कई लोगों का कहना है कि ई-20 मिश्रित पेट्रोल भरवाने के बाद उनकी दोपहिया एवं चारपहिया गाड़ियों में तकनीकी समस्याएं बढ़ गई हैं। वाहन चालकों के अनुसार कई गाड़ियां बीच रास्ते में बंद हो रही हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय वाहन मालिकों का आरोप है कि पेट्रोल भरवाने के कुछ समय बाद ही गाड़ियों की पिकअप कम हो जाती है, इंजन झटके देने लगता है और कई बार वाहन अचानक बंद हो जाते हैं। इससे लोगों को मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। कई वाहन मालिक अपनी गाड़ियां लेकर मैकेनिकों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

नगर के नागरिकों का कहना है कि पहले उनकी गाड़ियां सामान्य रूप से संचालित हो रही थीं, लेकिन ई-20 मिश्रित पेट्रोल की उपलब्धता बढ़ने के बाद कुछ वाहनों में लगातार तकनीकी शिकायतें सामने आने लगी हैं।

लोगों का कहना है कि पुराने मॉडल के कई वाहन ई-20 ईंधन के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं, जिसके कारण समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसानों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार वाहन रास्ते में बंद हो जाने से उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है तथा वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ती है।

स्थानीय मैकेनिकों का कहना है कि यदि कोई वाहन ई-20 ईंधन के अनुरूप डिजाइन नहीं किया गया है, तो फ्यूल सिस्टम, फिल्टर एवं इंजन के कुछ हिस्सों पर प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि वाहन खराब होने के पीछे वास्तविक कारण क्या है, इसकी पुष्टि केवल तकनीकी जांच के बाद ही संभव है।

नागरिकों ने जिला प्रशासन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग तथा पेट्रोलियम कंपनियों से मांग की है कि पेट्रोल की गुणवत्ता की जांच कराई जाए तथा उपभोक्ताओं को ई-20 ईंधन के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि समस्या का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो बड़ी संख्या में वाहन चालक प्रभावित हो सकते हैं।

जनता की प्रमुख मांगें

• पेट्रोल की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए।• पेट्रोल पंपों पर नियमित सैंपलिंग की व्यवस्था हो।

• उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए।

• जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

• ई-20 पेट्रोल के उपयोग संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

फिलहाल वाहन चालकों की शिकायतों को लेकर नगर में चर्चाओं का दौर जारी है। हालांकि संबंधित विभागों द्वारा अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वाहन खराब होने की घटनाओं का कारण ई-20 पेट्रोल है या कोई अन्य तकनीकी वजह।