आमला। खरीफ सीजन की दस्तक के साथ ही क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है। मानसून की आहट के बीच किसान खेतों की तैयारियों में जुटे हैं और समय रहते खाद का भंडारण करना चाहते हैं, लेकिन आमला ब्लॉक में यूरिया और डीएपी की कमी ने किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। खाद के लिए किसानों को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

*ई-टोकन व्यवस्था बनी परेशानी का कारण*

खाद वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था किसानों के लिए राहत के बजाय नई मुसीबत बन गई है। सर्वर की तकनीकी दिक्कतों और जटिल प्रक्रिया के कारण किसानों को समय पर टोकन नहीं मिल रहे हैं। कई किसानों की फार्मर आईडी तक नहीं बन पाई है, जिससे वे खाद वितरण प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों का कहना है कि तकनीकी खामियों का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है और बोनी का समय नजदीक आने से उनकी चिंता लगातार बढ़ रही है।

*निजी दुकानदारों पर मनमानी के आरोप*

सरकारी केंद्रों पर खाद की कमी के बीच निजी विक्रेताओं द्वारा किसानों से मनमाने दाम वसूलने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। किसानों का आरोप है कि उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर निजी दुकानदार निर्धारित दरों से अधिक कीमत पर खाद बेच रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से ऐसे विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि कालाबाजारी पर रोक लग सके और किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध हो सके।

*राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन*

किसानों की समस्याओं को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को पार्टी के जिला अध्यक्ष चिन्तुलाल उइके के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और किसानों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ई-टोकन व्यवस्था की खामियों को दूर करने, किसानों की फार्मर आईडी शीघ्र बनाने तथा पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी उपलब्ध कराने की मांग की गई।

*8 दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन*

गोंगपा नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी आठ दिनों के भीतर खाद संकट दूर नहीं किया गया और कालाबाजारी पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी किसानों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि बोनी के महत्वपूर्ण समय में किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष चिन्तुलाल उइके, अर्जुन उइके, मनीराम कुमरे, मुनेश इवने, मुकेश उइके, बिसना, काशीराम, मेखलाल सहित बड़ी संख्या में किसान एवं पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।