मध्य प्रदेश के कटनी जिले में जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण और उन्हें शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से एक वृहद कार्ययोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के कुशल मार्गदर्शन में जिले में 'धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' एवं 'प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान' के तहत लाभार्थी संतृप्ति शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। "जन भागीदारी: सबसे दूर, सबसे पहले" के ध्येय वाक्य के साथ शुरू किया गया यह अभियान जिले के सुदूर और चयनित 210 ग्रामों में एक साथ संचालित है।

कलेक्टर के निर्देश: शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता

इस अभियान की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने जिले के समस्त विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की मंशा है कि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की सुविधाओं से वंचित न रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे व्यक्तिगत रूप से या अपने अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से इन शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। इसका उद्देश्य केवल योजनाओं का प्रचार करना नहीं, बल्कि मौके पर ही दस्तावेजीकरण और सत्यापन कर पात्र नागरिकों को लाभ प्रदान करना है। प्रशासनिक मशीनरी के इस सक्रिय दृष्टिकोण से जनजातीय क्षेत्रों में एक नया उत्साह देखा जा रहा है।

शिविरों में प्रदान की जाने वाली प्रमुख सुविधाएं एवं योजनाएं

जिले के चयनित 210 ग्रामों में स्थित 'आदि सेवा केंद्रों' पर आयोजित इन शिविरों में विभिन्न विभागों के समन्वय से एक ही छत के नीचे सेवाओं का अंबार लगा दिया गया है। इन शिविरों के माध्यम से निम्नलिखित योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है:

  • पहचान और दस्तावेज: शिविर में आधार कार्ड के सुधार एवं अद्यतनीकरण के साथ-साथ जाति प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा दी जा रही है, जो जनजातीय विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं।

  • वित्तीय समावेशन और सुरक्षा: जनधन खाता खुलवाने के साथ ही पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना और पीएम सुरक्षा बीमा योजना के तहत लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा रहा है।

  • कृषि और खाद्य सुरक्षा: किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत राशन कार्ड की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है।

  • स्वास्थ्य सेवाएं: आयुष्मान भारत कार्ड का निर्माण, पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान, पीएम राष्ट्रीय डायलिसिस प्रोग्राम, सिकल सेल मिशन और क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य जांच की जा रही है।

  • अन्य जनकल्याणकारी योजनाएं: उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कौशल विकास, सुकन्या समृद्धि योजना के लिए बालिकाओं का पंजीकरण और वन अधिकार पट्टा वितरण जैसे कार्य किए जा रहे हैं।

सात दिवसीय कार्ययोजना: व्यवस्थित और परिणामोन्मुखी पहल

इस महाअभियान को व्यवस्थित रूप देने के लिए सात दिवसीय विस्तृत कार्यक्रम निर्धारित किया गया है, ताकि हर चरण की मॉनिटरिंग प्रभावी ढंग से हो सके:

  1. शुभारंभ: 18 मई को 'जनभागीदारी सप्ताह' का भव्य शुभारंभ किया गया, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही।

  2. संतृप्ति और वृक्षारोपण: 19 मई से 25 मई तक जिला, विकासखंड और ग्राम स्तर पर विशेष संतृप्ति शिविरों के साथ-साथ वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा प्रतिदिन उपलब्ध है।

  3. ग्राम ईमर्शन ड्राइव (20 मई): आज, 20 मई को 'ग्राम ईमर्शन ड्राइव' के अंतर्गत अधिकारियों और स्वयंसेवी संगठनों ने गांवों में पैदल भ्रमण (ट्रांसेक्ट वॉक) किया। इस दौरान उन्होंने वास्तविक धरातलीय स्थिति को समझा और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी जरूरतों को परखा।

  4. जनसुनवाई (21-23 मई): आगामी 21 से 23 मई तक आदि सेवा केंद्रों पर शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए 'जनसुनवाई' का विशेष आयोजन होगा, जहां लंबित मामलों का मौके पर ही समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।

  5. दस्तावेजीकरण (24 मई): 24 मई को अब तक की प्रगति रिपोर्ट तैयार करने और प्रमाण पत्र जारी करने हेतु दस्तावेजीकरण का कार्य पूर्ण किया जाएगा।

  6. समीक्षा और भविष्य की दिशा (25 मई): 25 मई को कलेक्ट्रेट कार्यालय में कलेक्टर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक होगी, जिसमें अभियान की उपलब्धियों का विश्लेषण किया जाएगा और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा होगी।

जनजातीय विकास में मील का पत्थर

कटनी प्रशासन की यह पहल न केवल शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह जनजातीय समुदायों के भीतर शासन के प्रति विश्वास को भी मजबूत करती है। एक ही स्थान पर आधार कार्ड से लेकर राशन कार्ड और स्वास्थ्य कार्ड तक की उपलब्धता होने से ग्रामीणों का समय और धन दोनों बच रहे हैं। 'आदि सेवा केंद्रों' के माध्यम से दी जा रही यह सेवाएं इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार की पहुंच अब अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सुनिश्चित की जा रही है।

प्रशासनिक स्तर पर इस तरह के समन्वित प्रयास आने वाले समय में जिले के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की तस्वीर बदलने में सक्षम होंगे। सिकल सेल जैसे गंभीर रोगों की जांच और क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में उठाया गया कदम विशेष रूप से सराहनीय है, जो समाज के सबसे कमजोर वर्ग के स्वास्थ्य के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। यह अभियान जनजातीय क्षेत्रों में समग्र विकास का एक नया मॉडल पेश कर रहा है।

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