मध्य प्रदेश के कटनी जिले में स्कूली शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, कुशल और परिणामोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, जिला कलेक्टर श्री आशीष तिवारी की अध्यक्षता में 'सर्व शिक्षा अभियान' के तहत तीन प्रमुख जिला स्तरीय समितियों का पुनर्गठन किया गया है। इन समितियों का मुख्य कार्य शिक्षा के क्षेत्र में नियुक्तियों, अनुदान वितरण और निर्माण कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने इन समितियों के पुनर्गठन के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में शिक्षा की बुनियादी संरचना और शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। तीनों समितियों के अध्यक्ष के रूप में स्वयं कलेक्टर (जिला मिशन संचालक) की भूमिका यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन शिक्षा विभाग के कार्यों की निगरानी सीधे अपने स्तर पर करेगा।
समितियों का स्वरूप और उनकी कार्यप्रणाली
इन समितियों का गठन इस प्रकार किया गया है कि इसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ, जन-प्रतिनिधि और नामित अशासकीय सदस्य भी शामिल हों। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में समावेशिता और जनभागीदारी सुनिश्चित होगी।
1. जिला स्तरीय नियुक्ति समिति
शिक्षा व्यवस्था में मानव संसाधन का सही प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। 'जिला स्तरीय नियुक्ति समिति' का मुख्य कार्य नियमानुसार नियुक्तियों की प्रक्रिया को निष्पादित करना है।
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संरचना: इस समिति के अध्यक्ष कलेक्टर श्री आशीष तिवारी होंगे, जबकि जिला परियोजना समन्वयक को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
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सदस्य: समिति में जिला परियोजना संचालक (सीईओ जिला पंचायत), सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग या उप संचालक स्कूल शिक्षा, जिला पंचायत शिक्षा स्थायी समिति के अध्यक्ष, अध्यक्ष जिला पंचायत, और राज्य परियोजना कार्यालय के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसके अलावा, शिक्षा मिशन द्वारा मनोनीत अशासकीय सदस्यों में श्रीमती अनामिका मिश्रा और श्री राजा चौरसिया को विशेष रूप से सम्मिलित किया गया है।
2. जिला स्तरीय अनुदान समिति
शिक्षा से संबंधित योजनाओं और स्कूलों के संचालन के लिए प्राप्त होने वाले अनुदान का सही उपयोग सुनिश्चित करना इस समिति का प्राथमिक दायित्व है।
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संरचना: इसके भी अध्यक्ष कलेक्टर श्री आशीष तिवारी हैं और सदस्य सचिव जिला परियोजना समन्वयक हैं।
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सदस्य: समिति में सीईओ जिला पंचायत, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास या उप संचालक स्कूल शिक्षा, प्राचार्य (डाइट), और जिला पंचायत की शिक्षा स्थायी समिति के अध्यक्ष शामिल हैं। अशासकीय सदस्यों के रूप में राजीव गांधी शिक्षा मिशन के दो प्रतिनिधि, जिला इकाई द्वारा मनोनीत अशासकीय सदस्यों में से दो सदस्य, और श्री श्रवण बागरी व श्री विमल जैन को शामिल किया गया है। यह समिति वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएगी।
3. जिला स्तरीय निर्माण समिति
स्कूली भवनों का निर्माण और उनका रख-रखाव शिक्षा के वातावरण को प्रभावित करता है। 'जिला स्तरीय निर्माण समिति' का उद्देश्य जिले में चल रहे सभी शैक्षणिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करना और यह सुनिश्चित करना है कि कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों।
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संरचना: इस समिति की अध्यक्षता भी कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा की जाएगी और सदस्य सचिव के रूप में जिला परियोजना समन्वयक कार्य करेंगे।
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सदस्य: निर्माण कार्यों की तकनीकी बारीकियों को समझने के लिए इसमें सीईओ जिला पंचायत, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री, मिशन या जिला शिक्षा केंद्र के इंजीनियर, लोक निर्माण विभाग (PWD) या जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री को शामिल किया गया है। तकनीकी दक्षता के लिए ईप्को के जिले में कार्यरत प्रतिनिधि या किसी निर्माण संस्था से जुड़े इंजीनियर भी समिति का हिस्सा होंगे। साथ ही, राजीव गांधी शिक्षा मिशन के दो अशासकीय सदस्य तथा श्री शिवम शर्मा और श्री हर्ष द्विवेदी को इसमें शामिल किया गया है।
प्रशासनिक प्रतिबद्धता और भविष्य की दिशा
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी की अध्यक्षता में गठित ये तीन समितियां जिले में शिक्षा के ढांचे को मजबूती प्रदान करने के लिए एक रणनीतिक कदम हैं। इन समितियों के माध्यम से न केवल फाइलों का त्वरित निराकरण संभव होगा, बल्कि प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय की जा सकेगी।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन समितियों की नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित होने वाली गतिविधियों की समीक्षा समय-समय पर की जा सके। कटनी जिले में इन समितियों का पुनर्गठन इस बात का प्रतीक है कि प्रशासन शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र को शीर्ष प्राथमिकता दे रहा है। आने वाले समय में, इन समितियों के प्रभावी कार्यकरण से स्कूलों के भौतिक स्वरूप और शैक्षणिक गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार देखने को मिलने की उम्मीद है।
यह व्यवस्था विकेंद्रीकरण की दिशा में भी एक कदम है, जहां विशेषज्ञ और अनुभवी लोग मिलकर शिक्षा मिशन के उद्देश्यों को पूरा करने में अपना योगदान देंगे। कटनी जिले के समस्त सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए ये समितियां एक सेतु का कार्य करेंगी।
Image source: https://katni.mpinfo.org
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