मध्य प्रदेश के कटनी जिले में तकनीकी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल शुरू की गई है। शासकीय आईटीआई ढ़ीमरखेड़ा द्वारा आगामी प्रवेश सत्र 2026-27 के लिए एक व्यापक जन-जागरूकता और प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ना और उन्हें स्वावलंबी बनाना है। इसी क्रम में, आईटीआई के प्राचार्य संत सिंह के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में प्रवेश प्रचार-प्रसार प्रभारी अनिल कुमार तिवारी ने ढ़ीमरखेड़ा विकासखंड के सुदूर ग्रामों में पहुंचकर युवाओं एवं उनके अभिभावकों को आईटीआई में प्रवेश की बारीकियों से अवगत कराया।

ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक भ्रमण और संवाद

आईटीआई ढ़ीमरखेड़ा की टीम ने ढ़ीमरखेड़ा विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में जाकर एक सघन संपर्क अभियान संचालित किया। इस दौरान बम्हनी, महनेर, मडेरा, पौड़ी खुर्द, पौड़ी बड़ी, सिमरिया, ढ़ीमरखेड़ा, पिंडरई, दशरमन, देवरी बिछिया, रामपुर, सनकुई, मुरवारी, गनियारी, परसवारा, परसेल और बरहटा सहित अनेक गांवों का भ्रमण किया गया। प्रभारी अनिल कुमार तिवारी ने इन ग्रामों में स्थानीय युवाओं से सीधी चर्चा की और उन्हें बताया कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में तकनीकी कौशल ही सफलता की कुंजी है। अभिभावकों को भी आईटीआई के माध्यम से प्राप्त होने वाले रोजगार के अवसरों के बारे में विस्तार से समझाया गया।

प्रवेश प्रक्रिया और ऑनलाइन सुविधा का लाभ

इस जागरूकता अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि टीम ने केवल जानकारी ही नहीं दी, बल्कि युवाओं को प्रवेश प्रक्रिया में व्यावहारिक सहयोग भी प्रदान किया। टीम द्वारा निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी दी गई और सहायता की गई:

  • आईटीआई प्रवेश प्रक्रिया: युवाओं को प्रवेश के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यताओं और आयु सीमा के बारे में स्पष्ट जानकारी दी गई।

  • ऑनलाइन पंजीयन एवं चॉइस फिलिंग: कई ग्रामीण युवाओं को ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्हें मौके पर ही ऑनलाइन पंजीयन और चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया समझाई गई।

  • तत्काल पंजीकरण: आवश्यकतानुसार मौके पर ही युवाओं का ऑनलाइन पंजीयन और चॉइस फिलिंग में पूर्ण सहयोग किया गया ताकि उन्हें पोर्टल की जटिलताओं से न जूझना पड़े।

रोजगारोन्मुखी योजनाओं की विस्तृत जानकारी

प्रचार-प्रसार अभियान के दौरान केवल आईटीआई प्रवेश तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि शासन की अन्य महत्वपूर्ण रोजगारोन्मुखी योजनाओं के बारे में भी जागरूकता फैलाई गई। युवाओं को बताया गया कि आईटीआई उत्तीर्ण करने के बाद उनके पास भविष्य को सुरक्षित करने के क्या-क्या विकल्प उपलब्ध हैं:

  • अप्रेंटिसशिप और रोजगार: आईटीआई करने के पश्चात विभिन्न उद्योगों में अप्रेंटिसशिप करने और स्थायी रोजगार पाने के अवसरों पर चर्चा की गई।

  • स्वरोजगार: युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।

  • पीएम इंटर्नशिप और कौशल संवर्धन: अभियान में पीएम इंटर्नशिप योजना और मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना के तहत मिलने वाले प्रशिक्षण और लाभों के बारे में बताया गया, जिससे युवा अपनी कार्यक्षमता बढ़ा सकें।

महिला सशक्तिकरण और विशेष आरक्षण

इस अभियान में महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है। प्रचार दल द्वारा ग्रामीण महिलाओं को यह बताया गया कि अब तकनीकी शिक्षा में महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। आईटीआई में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत का विशेष आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। टीम ने महिलाओं को अवगत कराया कि कैसे तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर वे न केवल स्वयं को आत्मनिर्भर बना सकती हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करने में योगदान दे सकती हैं। आईटीआई उत्तीर्ण करने के बाद उनके लिए उपलब्ध विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों की भी विस्तृत व्याख्या की गई।

अग्निवीर भर्ती में आईटीआई का महत्व

युवाओं के बीच सैन्य सेवा के प्रति उत्साह को देखते हुए उन्हें यह जानकारी भी दी गई कि आईटीआई उत्तीर्ण करने का उन्हें विशेष लाभ मिल रहा है। टीम ने बताया कि अग्निवीर रैली भर्ती में आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को आरक्षण एवं अतिरिक्त अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। इस जानकारी ने युवाओं के बीच आईटीआई के प्रति रुचि को और अधिक बढ़ा दिया है। यह स्पष्ट किया गया कि तकनीकी ज्ञान न केवल औद्योगिक क्षेत्रों में, बल्कि रक्षा सेवाओं में भी करियर बनाने का एक बेहतरीन माध्यम है।

सतत जागरूकता अभियान का संकल्प

शासकीय आईटीआई ढ़ीमरखेड़ा द्वारा संचालित यह जन-जागरूकता अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह लगातार जारी रहने वाली प्रक्रिया है। प्राचार्य संत सिंह के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी प्रतिभाशाली युवा तकनीकी शिक्षा से वंचित न रहे। अधिक से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें एक कुशल कार्यबल के रूप में तैयार करना ही विभाग का लक्ष्य है। इस पहल से न केवल कटनी जिले के ढ़ीमरखेड़ा क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।

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