कटनी जिले के कैमोर नगर में जल संसाधनों के संरक्षण और वर्षा जल के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए 'कैच द रैन - वेयर इट फॉल्स, व्हेन इट फॉल्स' अभियान को एक मिशन के रूप में लिया गया है। नगर परिषद कैमोर द्वारा इस अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों ने न केवल जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई है, बल्कि धरातल पर ठोस परिणामों के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक बदलाव प्रस्तुत किया है।

कैमोर में जल संरक्षण हेतु धरातलीय कार्ययोजना

नगर परिषद कैमोर ने वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर संरचनात्मक बदलाव किए हैं। नगर निकाय क्षेत्र में जल संरक्षण के विभिन्न आयामों को प्राथमिकता दी गई है, जिसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • चेक डैम का निर्माण: जल के बहाव को नियंत्रित करने और उसे संचित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर चेक डैम बनाए गए हैं।

  • रेन वाटर हार्वेस्टिंग: समस्त शासकीय भवनों और सार्वजनिक शौचालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की आधुनिक संरचनाएं स्थापित की गई हैं, ताकि बारिश के पानी को व्यर्थ बहने से रोका जा सके।

  • रिचार्ज पिट्स की स्थापना: जल स्तर में वृद्धि करने के उद्देश्य से नगर के हैंडपंपों, कुओं और नलकूपों (ट्यूबवेल) के निकट विशेष रिचार्ज पिट्स विकसित किए गए हैं। यह पहल उन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है जहाँ जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा था।

  • ग्रे वॉटर ट्रीटमेंट: नगर परिषद द्वारा शिवा नगर में ग्रे वॉटर ट्रीटमेंट फैसिलिटी की स्थापना एक अत्यंत प्रगतिशील कदम है। इस सुविधा के माध्यम से घरेलू स्तर पर उपयोग किए गए पानी को उपचारित (Treat) कर उसे पुन: उपयोग के योग्य बनाया जा रहा है, जिससे ताजे जल की खपत में कमी आई है।

जनभागीदारी और प्रशासनिक दूरदर्शिता का संगम

कैमोर नगर परिषद के नेतृत्व और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता ने इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप दे दिया है।

  • नेतृत्व का आह्वान: नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती पलक नमित ग्रोवर ने स्पष्ट रूप से कहा कि जल संरक्षण आज के युग की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ जनभागीदारी के बिना जल संकट से निपटना संभव नहीं है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपने निजी आवासों में भी वर्षा जल संचयन की व्यवस्था करें।

  • जागरूकता का माध्यम: नगर परिषद उपाध्यक्ष श्री संतोष केवट के अनुसार, 'कैच द रैन' अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि नगरवासियों को जल के भविष्य के प्रति जागरूक करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने स्थानीय प्रतिष्ठानों और व्यापारिक संस्थानों से भी जल संरक्षण उपाय अपनाने का आग्रह किया है।

समयबद्ध क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग का असर

किसी भी अभियान की सफलता उसके क्रियान्वयन की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। कैमोर में इस अभियान की सफलता के पीछे मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री मनीष परते का विशेष मार्गदर्शन रहा है।

  • गुणवत्तापूर्ण कार्य: सीएमओ के कुशल नेतृत्व में सभी जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण गुणवत्ता के साथ और समय सीमा के भीतर पूरा किया गया।

  • वर्षा पूर्व तैयारी: नगर परिषद की तकनीकी टीम ने मानसून के आगमन से पूर्व ही सभी संरचनाओं की निगरानी और निरीक्षण सुनिश्चित किया था। इसका परिणाम यह हुआ कि वर्तमान वर्षा ऋतु में इन संरचनाओं का पूरा लाभ नगरवासियों को मिल रहा है और वर्षा जल सीधे भू-जल स्तर को रिचार्ज करने का कार्य कर रहा है।

यह पहल स्पष्ट करती है कि यदि सुनियोजित ढंग से और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर कार्य किया जाए, तो शहरी क्षेत्रों में भी जल संकट जैसी गंभीर समस्याओं का समाधान संभव है। नगर परिषद कैमोर की यह अनूठी पहल पूरे कटनी जिले के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरकर सामने आई है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा का आधार तैयार कर रही है।

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