नीमच जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं को गति देने और मैदानी स्तर पर उनके क्रियान्वयन की बारीकियों पर गहन चर्चा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता, विलंब या उदासीनता को बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा।
अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई: वेतन कटौती का चाबुक
बैठक के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली में अनुशासन पर विशेष बल दिया। समय से विलंब कर बैठक में पहुंचने वाले विभिन्न जनपद पंचायतों के उपयंत्रियों और अन्य कर्मचारियों (श्री राजेंद्र सिंह तंवर, श्री प्रवीण चौधरी, श्री मुकेश चौहान, श्री ओमप्रकाश कछावा, श्री राजेंद्र सिंह चौहान, श्री भूरिया और श्री प्रकाश पालिया) के विरुद्ध एक-एक दिवस के वेतन/मानदेय कटौती के निर्देश दिए गए। साथ ही, बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले उपयंत्री श्री गोपाल कुमावत पर भी वेतन कटौती की कार्रवाई की गई। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि भविष्य में बैठक में देर से आने वाले कर्मियों पर सात दिवस के वेतन कटौती की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रोजगार और आजीविका मिशन: धरातल पर लक्ष्य की प्राप्ति
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प्लानर सॉफ्टवेयर: विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन के तहत, प्लानर सॉफ्टवेयर पर लंबित ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं को तुरंत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
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जियोटैगिंग: चिन्हित कार्यों को सिपरी पोर्टल पर जियोटैग और अनुमोदित करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी गई।
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श्रमिक नियोजन: सभी ग्राम पंचायतों में श्रमिक नियोजन को सुनिश्चित करने के साथ ही सक्रिय श्रमिकों की लंबित ई-केवाईसी (e-KYC) को आगामी एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने का अल्टीमेटम दिया गया।
'एक बगिया मां के नाम' और हरित परियोजना
कलेक्टर ने 'एक बगिया मां के नाम' परियोजना की समीक्षा करते हुए पौधारोपण, फेंसिंग और पोल संबंधी कार्यों का ब्यौरा मांगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र हितग्राहियों के भुगतान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, गंगोत्री हरित परियोजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत लासूर में अविलंब वृक्षारोपण शुरू करने के निर्देश दिए गए।
आजीविका मिशन और बैंकिंग लक्ष्यों पर मंथन
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को विस्तार देने पर जोर दिया गया।
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सर्वेक्षण: नए हितग्राहियों का सर्वे और मोबाइल वेरिफिकेशन का कार्य एक माह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
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ऋण प्रक्रिया: सीसीएल (CCL), पीएमएफएमई (PMFME) और पीएम मुद्रा योजनाओं में निर्धारित लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करने के लिए कहा गया। साथ ही, पशुपालन आधारित ऋण प्रकरणों और पान-सिंघाड़ा जैसी फसलों पर आधारित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छता अभियान
नीमच जिले को आवास योजना में प्रदेश में द्वितीय स्थान तक लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है।
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आवास पूर्णता: 15 अगस्त तक जनपद पंचायत जावद में 500, मनासा में 350 और नीमच में 250 आवासों को पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया है।
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स्वच्छता: स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन, कचरा संग्रहण और सिंगल-यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए गए। 2000 से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और सचिवों की बैठक बुलाकर स्वच्छता कर संग्रहण पर चर्चा करने का निर्णय लिया गया।
वाटरशेड योजना: कार्य में तेजी लाने के निर्देश
वाटरशेड योजना के अंतर्गत लंबित पाल निर्माण और पिचिंग कार्यों की धीमी गति पर कलेक्टर ने असंतोष जताया। उन्होंने इन कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा में सभी निर्माण कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायतके मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन वैष्णव सहित ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री, विभिन्न जनपद पंचायतों के सीईओ और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने और प्रत्येक योजना की नियमित समीक्षा कर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
Image Source: https://neemuch.mpinfo.org
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