मध्य प्रदेश के कटनी जिले में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत चल रहे समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। 15 अप्रैल से शुरू हुई इस प्रक्रिया में किसानों का उत्साह देखते ही बन रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, बुधवार 20 मई तक जिले में 34 हजार 624 कृषकों ने अपने गेहूं की बिक्री सरकारी केंद्रों पर की है। इस दौरान कुल 1 लाख 78 हजार 540 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 28.09 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि जिले की कृषि उत्पादकता और किसानों का सरकारी व्यवस्था के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।

किसानों को मिला 202 करोड़ का भुगतान

कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने उपार्जन प्रक्रिया की निरंतर समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान समयबद्ध तरीके से प्राप्त हो। इसी प्रतिबद्धता के चलते, अब तक उपार्जित गेहूं के एवज में किसानों को 202.93 करोड़ रुपये की राशि का सीधा भुगतान उनके बैंक खातों में किया जा चुका है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से किसानों में काफी संतोष है। इसके अलावा, जिले में स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया भी सुचारू रूप से चल रही है, जिसके अंतर्गत अब तक 41 हजार 78 कृषकों द्वारा सफलतापूर्वक स्लॉट बुक किए जा चुके हैं।

तहसीलवार उपार्जन का विवरण: ढीमरखेड़ा का रहा दबदबा

कटनी जिले की विभिन्न तहसीलों में गेहूं उपार्जन की स्थिति अत्यंत उत्साहजनक है। आंकड़ों के अनुसार, उपार्जन में ढीमरखेड़ा तहसील ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। तहसीलवार स्थिति इस प्रकार है:

  • ढीमरखेड़ा: यहाँ 7,989 किसानों ने 33,696 मीट्रिक टन गेहूं की बिक्री की है।

  • विजयराघवगढ़: 4,947 किसानों ने 28,623 मीट्रिक टन गेहूं विक्रय किया।

  • बहोरीबंद: यहाँ 4,789 किसानों ने 28,426 मीट्रिक टन गेहूं केंद्रों पर पहुंचाया।

  • स्लीमनाबाद: 3,423 किसानों के माध्यम से 20,187 मीट्रिक टन उपार्जन हुआ।

  • रीठी: 3,440 किसानों ने 19,680 मीट्रिक टन गेहूं का योगदान दिया।

  • कटनी नगर एवं ग्रामीण: कुल 3,104 किसानों से 17,090 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई।

  • बरही: 2,982 किसानों से 15,546 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया।

  • बड़वारा: यहाँ 3,950 किसानों ने 15,290 मीट्रिक टन गेहूं विक्रय किया।

उपार्जन केंद्रों पर सुविधाओं का विशेष प्रबंध

कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के स्पष्ट निर्देश पर जिले के सभी उपार्जन केंद्रों को 'आदर्श केंद्र' के रूप में संचालित किया जा रहा है। किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए केंद्रों पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं:

  • आधारभूत सुविधाएं: केंद्रों पर किसानों के बैठने के लिए छायादार स्थान और शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

  • तकनीकी उपकरण: तौल कांटों की सटीकता सुनिश्चित करने के साथ ही कंप्यूटर, इंटरनेट, और गुणवत्ता परीक्षण के अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।

  • स्वच्छता और प्रसंस्करण: उपज की सफाई के लिए पंखा और छन्ना (क्लीनिंग मशीनें) लगाई गई हैं, ताकि किसान साफ-सुथरा गेहूं ही केंद्रों पर लाएं और उन्हें कोई परेशानी न हो।

  • बारदाना उपलब्धता: खरीदी कार्य में किसी भी प्रकार का व्यवधान न आए, इसके लिए बारदानों की पर्याप्त आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली गई थी।

बोनस के साथ मिल रहा बेहतर मूल्य

रबी विपणन वर्ष 2026-27 में राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए गेहूं के समर्थन मूल्य के साथ बोनस की सुविधा भी प्रदान की गई है। वर्तमान में, किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा जा रहा है, जिसमें राज्य सरकार का 40 रुपये प्रति क्विंटल का विशेष बोनस भी शामिल है। इस प्रकार, किसानों को प्रति क्विंटल कुल 2625 रुपये का भुगतान प्राप्त हो रहा है।

प्रशासन ने पुनः आग्रह किया है कि किसान अपनी उपज को केंद्रों पर लाने से पूर्व उसे भली-भांति साफ कर लें, ताकि गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उपज का त्वरित तौल हो सके। कटनी जिले में यह उपार्जन महाअभियान रबी सीजन के अंत तक इसी गति और पारदर्शिता के साथ जारी रहेगा। यह उपलब्धि जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान कर रही है और किसानों के आर्थिक जीवनस्तर में सुधार का मार्ग प्रशस्त कर रही है।

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