केसली शॉपिंग कॉम्प्लेक्स विवाद: जिला प्रशासन की सीधी दखल, दुकानदारों के लिए न्याय की नई उम्मीद
सागर जिले के केसली जनपद पंचायत में पिछले पांच वर्षों से चल रहे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों के आवंटन विवाद ने अब निर्णायक मोड़ ले लिया है। इस जटिल प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दे को सुलझाने के लिए जिला प्रशासन ने फिर से सीधी दखल दी है। बुधवार को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विवेक केवी ने केसली तहसील परिसर में पीड़ित दुकानदारों के लिए विशेष शिविर का आयोजन कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना।
आवंटन में पक्षपात और रसूखदारों के कब्जे का आरोप
बैठक के दौरान दुकानदारों का गुस्सा और दर्द फूट पड़ा। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि पूर्व आवंटन प्रक्रिया में पक्षपात हुआ, जहां रसूखदारों को दो से तीन दुकानों का आवंटन हुआ जबकि जरूरतमंद लोग अपनी गाढ़ी कमाई जमा करने के बावजूद खाली हाथ रह गए। कई जगहों पर कागजों में दुकान किसी के नाम पर है, पर कब्जा किसी और का है। दुकानदारों ने अधूरे निर्माण और फैली गंदगी का मुद्दा भी उठाया।
135 दुकानों का प्रोजेक्ट: 106 ने जमा की राशि, अब आधे मांग रहे रिफंड
सूत्रों के अनुसार, जनपद पंचायत केसली ने कुल 135 दुकानों का निर्माण कराया था, जिनमें से अधिकांश आज भी अधूरी हैं। शुरुआत में 106 लोगों ने अपनी जमापूंजी जनपद के खाते में जमा कराई थी। दुकानदारों का आरोप है कि इस दौरान उनसे मनमानी राशि वसूली गई और अब आधे से अधिक लोग अपनी राशि वापस मांग रहे हैं।
समाधान के लिए CEO ने बनाईं तीन श्रेणियां
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी ने दुकानदारों की शिकायतों को तीन श्रेणियों में बांटा:
- पहली श्रेणी: वे दुकानदार जो अधूरा निर्माण कार्य पूरा कराना चाहते हैं।
- दूसरी श्रेणी: वे लोग जो अब दुकान नहीं चाहते और अपनी जमा राशि वापस मांग रहे हैं।
- तीसरी श्रेणी: वे जरूरतमंद जो एक अच्छी और व्यवस्थित दुकान की चाह रखते हैं।
सीईओ ने दुकानदारों से स्थाई समाधान के लिए एक महीने का समय मांगा है और आश्वस्त किया कि सभी दुकानों को व्यवस्थित किया जाएगा ताकि आवंटन प्रक्रिया पारदर्शी हो सके।
मौके पर निरीक्षण और साफ-सफाई के निर्देश
संवाद कार्यक्रम के बाद सीईओ विवेक केवी ने स्वयं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। गंदगी देखकर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल व्यापक साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। इस शिविर में केसली एसडीएम राजनंदिनी शर्मा, जनपद सीईओ प्रतिष्ठा जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की इस सक्रियता से पांच साल से परेशान पीड़ितों में न्याय की नई उम्मीद जागी है।
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