सागर जिले के केसली में चना और मसूर की खरीदी में घोटाला उजागर

मध्य प्रदेश के सागर जिले के केसली में समर्थन मूल्य पर चना और मसूर की खरीदी में अनियमितताएं सामने आई हैं। कलेक्टर प्रतिभा पाल के औचक निरीक्षण में किसानों की उपज को तय मापदंड से अधिक तौलने का मामला उजागर हुआ है। प्रशासन ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

कलेक्टर के औचक निरीक्षण में खुलासा

मंगलवार को कलेक्टर प्रतिभा पाल ने केसली स्थित चना एवं मसूर उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान किए गए रैंडम जाँच में बोरियों का वजन तय सीमा से अधिक पाया गया।

  • निर्धारित मानक: जूट बारदाने के साथ एक बोरी का अधिकतम वजन 50.580 किलोग्राम होना चाहिए।
  • मौके पर स्थिति: तुलाई के बाद वजन 50.720 से 50.740 किलोग्राम तक पाया गया।
  • अतिरिक्त वजन: प्रति बोरी लगभग 140 से 160 ग्राम अधिक लिया जा रहा था।

प्रबंधक को नोटिस और ब्लैकलिस्ट की चेतावनी

इस गड़बड़ी के लिए प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बम्होरी के प्रबंधक सचेंद्र कुमार जैन को जिम्मेदार ठहराया गया है। कलेक्टर ने इसे नियमों का स्पष्ट उल्लंघन करार देते हुए उन्हें 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है।

मुख्य निर्देश: प्रबंधक को 2 दिन के भीतर स्पष्टीकरण देना होगा। जवाब संतोषजनक न होने पर समिति को उपार्जन कार्य से पृथक किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर संस्था को ब्लैकलिस्टेड किया जा सकता है।

किसानों के नुकसान की भरपाई पर जोर

इस तरह की गड़बड़ी से किसानों की मेहनत की कमाई पर सीधा असर पड़ता है। 140-160 ग्राम भले ही कम लग सकता है, लेकिन हजारों बोरियों के हिसाब से यह नुकसान कई क्विंटल में पहुँच जाता है।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जिले के अन्य केंद्रों को भी सख्त चेतावनी दी है कि तुलाई और गुणवत्ता के मानकों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन अब अन्य केंद्रों पर भी निगरानी बढ़ा रहा है ताकि पारदर्शी तरीके से खरीदी सुनिश्चित की जा सके।