मैहर। मैहर जिले की कलेक्टर श्रीमती विदिशा मुखर्जी ने प्रशासनिक कार्यशैली में कसावट लाते हुए महत्वपूर्ण विभागीय बैठकों का दौर जारी रखा है। हाल ही में आयोजित 'समय-सीमा प्रकरणों' की समीक्षा बैठक में उन्होंने जिले के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फार्मर रजिस्ट्री, सीएम हेल्पलाइन, जल गंगा संवर्धन अभियान और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित की जाए।
फार्मर रजिस्ट्री: प्राथमिकता और समीक्षा के निर्देश
कलेक्टर ने फार्मर रजिस्ट्री कार्य की समीक्षा करते हुए असंतोष व्यक्त किया और बताया कि प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में मैहर का प्रदर्शन फिलहाल निचले पायदान पर है। इस स्थिति में सुधार के लिए उन्होंने निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:
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दैनिक समीक्षा: एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र के पटवारियों द्वारा किए जा रहे फार्मर रजिस्ट्री कार्य की प्रतिदिन समीक्षा करें।
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विशेष बैठक: कार्य की गंभीरता को देखते हुए 22 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक जिले के समस्त पटवारियों की एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई है।
सीएम हेल्पलाइन और विभागीय समन्वय
बैठक में सीएम हेल्पलाइन के निराकरण पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग संतुष्टिपूर्ण निराकरण का प्रतिशत 55 प्रतिशत से कम न रखें। इसके अलावा, उन्होंने राजस्व अधिकारियों को मूंग और उड़द की जायद फसलों के सत्यापन के साथ-साथ 'ई-विकास पोर्टल' पर पंजीकृत किसानों का सत्यापन कार्य भी समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के आदेश दिए हैं।
जनकल्याण शिविरों में तेजी
जिले में जारी जनकल्याण शिविरों की प्रगति का विवरण देते हुए बताया गया कि अब तक कुल 13,418 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 12,306 आवेदनों का त्वरित निराकरण भी किया जा चुका है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि शिविरों में आने वाले आवेदनों की संख्या बढ़ाई जाए और 18 जून तक चलने वाले इन कार्यक्रमों में ब्लॉक स्तर के सभी विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहे।
जल संरक्षण, योग दिवस और अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
बैठक में विभिन्न अभियानों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए:
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जल गंगा संवर्धन अभियान: जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन से संबंधित सभी कार्य 30 जून तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: 21 जून को आयोजित होने वाले योग दिवस के लिए कलेक्टर ने कहा कि सभी स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, औद्योगिक संस्थानों, छात्रावासों और शासकीय कार्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इसमें समस्त अधिकारी-कर्मचारी अनिवार्य रूप से भाग लेंगे।
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जीर्ण-शीर्ण भवन: बरसात के मौसम को देखते हुए जर्जर भवनों को चिन्हित कर उनके निराकरण हेतु निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा गया है।
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समग्र के-वायसी (e-KYC): जिले में समग्र के-वायसी का वर्तमान औसत 74.51 प्रतिशत है, जिसे शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक टीम की भागीदारी
समीक्षा बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम सुश्री दिव्या पटेल, सीईओ जनपद श्री अशोक तिवारी, डीपीओ श्री राजेन्द्र बांगरे, डीपीसी श्री विष्णु त्रिपाठी, कार्यपालन यंत्री श्री लाजरूस केरकेट्टा एवं श्री श्वेतांक चौरसिया सहित जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और विभाग प्रमुख उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि विभागीय समन्वय से ही शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुँचाया जा सकता है।
Image Source: https://maihar.mpinfo.org

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