मैहर जिले में सड़क सुरक्षा के प्रति प्रशासनिक गंभीरता का नया उदाहरण बुधवार को तब देखने को मिला, जब सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित रोड सेफ्टी समिति के अध्यक्ष अभय मनोहर सप्रे ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मैहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण करना और उनके प्रभावी निवारण के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करना था। मां शारदा की पवित्र नगरी मैहर में लाखों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना इस चर्चा का केंद्र बिंदु रहा।
समीक्षा बैठक की मुख्य रूपरेखा और उपस्थिति
बैठक में प्रशासनिक और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी, पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. चंचल नागर, एसडीएम दिव्या पटेल, आरटीओ, एनएचआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) और पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह द्वारा मैहर जिले में विगत दो वर्षों की सड़क दुर्घटनाओं, की गई चालानी कार्यवाही और यातायात जनजागरूकता के लिए चलाए गए कार्यक्रमों की विस्तृत प्रस्तुति के साथ हुई।
मैहर जिले के कार्यों की हुई सराहना
रोड सेफ्टी समिति के अध्यक्ष अभय मनोहर सप्रे ने जिले में सड़क सुरक्षा की दिशा में हो रहे प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि अपेक्षाकृत नया और छोटा जिला होने के बावजूद, मैहर सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में अन्य जिलों के लिए एक प्रेरणा बन रहा है और उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। अध्यक्ष की इस सराहना ने मैहर के प्रशासनिक अमले का मनोबल बढ़ाया और भविष्य में बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
दुर्घटनाओं का विश्लेषण और निवारक उपाय
समीक्षा बैठक के दौरान अध्यक्ष अभय मनोहर सप्रे ने निर्देश दिए कि केवल आंकड़ों की समीक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि दुर्घटनाओं के कारणों का गहन वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि हर दुर्घटना के पीछे के कारणों को समझकर ही निवारक उपाय सुनिश्चित किए जा सकते हैं। उन्होंने नियमित रूप से समीक्षा बैठकें आयोजित करने और एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में हादसों की संख्या को न्यूनतम स्तर तक लाया जा सके।
यातायात नियमों के पालन पर सख्ती
बैठक का एक बड़ा हिस्सा वाहनों की फिटनेस और चालकों की सुरक्षा पर केंद्रित रहा। अध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मैहर की सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए:
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परमिट और नंबर प्लेट: बिना वैध परमिट और बिना नंबर प्लेट के चलने वाले वाहनों के विरुद्ध तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जाए।
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एचएसआरपी (HSRP): सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) का होना अनिवार्य सुनिश्चित किया जाए।
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दस्तावेज: वाहनों में वैध ड्राइविंग लाइसेंस और बीमा का होना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
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हेलमेट और सीट बेल्ट: दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और चार पहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट का उपयोग न करने वालों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
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नशाखोरी: शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मैहर, जो कि मां शारदा की नगरी के रूप में विश्व प्रसिद्ध है, वहां साल भर लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। समिति के अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम आवाजाही पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिरों के आसपास के रास्तों, हाईवे और शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात प्रबंधन इस तरह हो कि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो और दुर्घटना की आशंका न रहे। एनएचआई और पीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया गया कि वे सड़कों की मरम्मत और सिग्नल व्यवस्था को दुरुस्त रखें।
ब्लैक स्पॉट सुधार और जागरूकता अभियान
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट्स) की पहचान कर वहां आवश्यक सुधार कार्य तुरंत पूरे किए जाएं। सड़कों पर पर्याप्त साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर्स और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि रात के समय यात्रा सुरक्षित हो सके। साथ ही, केवल दंड देने से ही सुधार नहीं होगा, इसलिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। युवाओं, स्कूल-कॉलेज के छात्रों और वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति शिक्षित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
निष्कर्ष
समीक्षा बैठक के अंत में प्रशासनिक अधिकारियों ने अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा। मैहर जिला प्रशासन का लक्ष्य एक सुरक्षित सड़क तंत्र विकसित करना है। यह बैठक केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि नागरिकों के जीवन की रक्षा करने की प्रतिबद्धता थी। आशा है कि इस समीक्षा के बाद मैहर की सड़कों पर अनुशासन का स्तर बढ़ेगा और सड़क हादसों में उल्लेखनीय कमी आएगी।
image source : https://maihar.mpinfo.org
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