भोपाल स्थित मंत्रालय वल्लभ भवन (फाइल फोटो) फोटो साभार Wikimedia Commons / Vivek Sarje, CC BY-SA 4.0
मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद ने मंगलवार को 8,225 करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रस्तावों को मंजूरी दी। भोपाल के मंत्रालय में हुई बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की।
सबसे बड़ा हिस्सा 4 सिंचाई परियोजनाओं को मिला है, जिनके लिए 3,378 करोड़ 69 लाख रुपए स्वीकृत हुए। इनसे छिंदवाड़ा, सिवनी, मुरैना, सागर और दमोह जिलों के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचेगा। वन संरक्षण के लिए कैम्पा निधि से 2,050 करोड़ 3 लाख रुपए की कार्ययोजना भी मंजूर हुई।
बैठक की 3 बड़ी बातें…
- सिंचाई, 4 परियोजनाओं के लिए 3,378.69 करोड़ रुपए, अवधि 2026-27 से 2030-31
- वन, कैम्पा निधि की 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना के लिए 2,050.03 करोड़ रुपए
- कल्याण और प्रशासन, स्वास्थ्य, दिव्यांगजन, EOW और नए जिलों के शिक्षा कार्यालयों के लिए करीब 2,797 करोड़ रुपए
ग्राफिक से समझिए, किस काम के लिए कितनी राशि मंजूर हुई…

छिंदवाड़ा को सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना
छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स के लिए 2,611 करोड़ 13 लाख रुपए मंजूर हुए हैं। इससे छिंदवाड़ा जिले की 1 लाख 90 हजार 500 हेक्टेयर जमीन तक सूक्ष्म सिंचाई यानी ड्रिप और स्प्रिंकलर पद्धति से पानी पहुंचाया जाएगा।
पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के लिए 197 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए। यह बांध आधारित परियोजना छिंदवाड़ा और सिवनी के खेतों को पानी देती है। छिंदवाड़ा में इसकी सिंचाई क्षमता 1,26,647 हेक्टेयर है।
मुरैना में 15,300 हेक्टेयर, सागर और दमोह में 25 हजार हेक्टेयर
मुरैना जिले की चेंटीखेड़ा वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 531 करोड़ 15 लाख रुपए मंजूर हुए। यहां बांध और नहर तंत्र का काम चल रहा है, जिससे 15,300 हेक्टेयर में सिंचाई होगी।
पंचमनगर सिंचाई कॉम्प्लेक्स के लिए 39 करोड़ 41 लाख रुपए स्वीकृत हुए। पगरा बांध और पंचमनगर बैराज पहले ही बन चुके हैं। अब पाइप से सागर और दमोह जिलों की 25,000 हेक्टेयर जमीन तक पानी पहुंचाया जाएगा।
| परियोजना | जिला | राशि (करोड़ रु.) | सिंचाई रकबा |
|---|---|---|---|
| छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स | छिंदवाड़ा | 2,611.13 | 1,90,500 हेक्टेयर |
| पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना | छिंदवाड़ा, सिवनी | 197.00 | 1,26,647 हेक्टेयर (छिंदवाड़ा) |
| चेंटीखेड़ा वृहद सिंचाई परियोजना | मुरैना | 531.15 | 15,300 हेक्टेयर |
| पंचमनगर सिंचाई कॉम्प्लेक्स | सागर, दमोह | 39.41 | 25,000 हेक्टेयर |
| कुल | 5 जिले | 3,378.69 |
कैम्पा निधि से 2,050 करोड़ के वन कार्य
कैम्पा यानी क्षतिपूरक वनीकरण निधि में वह राशि जमा होती है, जो विकास परियोजनाओं के लिए वन भूमि लेने वाली संस्थाएं वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 के तहत चुकाती हैं। मंत्रि-परिषद ने इसकी 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना के लिए 2,050 करोड़ 3 लाख रुपए मंजूर किए।
इस राशि से ये काम होंगे…
- पौधरोपण, पिछले वर्षों के पौधरोपण और वन कार्यों का रखरखाव, क्षतिपूरक वनीकरण और बिगड़े वनों का सुधार
- नदी और पानी, नदियों के जलग्रहण क्षेत्र में वनीकरण, मिट्टी का कटाव रोकना और जल संरक्षण
- आजीविका, वन सीमा के गांवों के पास बांस और दूसरी प्रजातियों का रोपण
- वन्यप्राणी, संरक्षित क्षेत्रों से गांवों का स्वैच्छिक विस्थापन और बफर जोन में रहवास विकास
दिव्यांगजन कल्याण के लिए 651 करोड़
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की योजनाओं को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 651 करोड़ 25 लाख रुपए मंजूर हुए। इसमें दृष्टि और श्रवण बाधित स्कूलों के वेतन भत्तों के लिए 152 करोड़ 37 लाख और कलापथक योजना के लिए 45 करोड़ रुपए शामिल हैं।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की निदेशन एवं प्रशासन योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 1,743 करोड़ 58 लाख रुपए स्वीकृत हुए।
4 नए जिलों में खुलेंगे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय
निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के लिए 16 करोड़ 80 लाख रुपए मंजूर हुए। हर जिले में 17 नए पद बनेंगे और 8 लोग आउटसोर्स से रखे जाएंगे, यानी कुल 68 पद और 32 आउटसोर्स कर्मचारी।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की योजनाओं के लिए 16वें वित्त आयोग की अवधि में 345 करोड़ 52 लाख रुपए स्वीकृत हुए, जिसमें प्रशासनिक भवन के लिए 11 करोड़ रुपए हैं। विधि एवं विधायी कार्य विभाग को संपत्तियों के रखरखाव के लिए 40 करोड़ रुपए मिले।
चमकविहीन गेहूं की बिक्री को कार्योत्तर मंजूरी
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के रबी विपणन वर्ष 2020-21 के चमकविहीन गेहूं को टेंडर से बेचने की प्रक्रिया को मंत्रि-परिषद ने कार्योत्तर स्वीकृति दी। म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन ने 2 लाख और 3.8 लाख मीट्रिक टन, यानी कुल 5.8 लाख मीट्रिक टन गेहूं टेंडर से बेचा था।
आगे क्या होगा
सिंचाई परियोजनाओं की राशि 2026-27 से 2030-31 के बीच खर्च होगी, जबकि कैम्पा निधि की राशि इसी वित्त वर्ष की कार्ययोजना में लगेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
MP कैबिनेट ने 27 अक्टूबर 2026 को कितनी राशि मंजूर की?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद ने 8,225 करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्ताव मंजूर किए।
किन जिलों की सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी मिली?
छिंदवाड़ा, सिवनी, मुरैना, सागर और दमोह जिलों की 4 परियोजनाओं के लिए 3,378.69 करोड़ रुपए मंजूर हुए।
छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स से कितने रकबे में सिंचाई होगी?
2,611.13 करोड़ रुपए की इस परियोजना से 1,90,500 हेक्टेयर में ड्रिप और स्प्रिंकलर से सिंचाई होगी।
कैम्पा निधि के 2,050 करोड़ रुपए किस काम में लगेंगे?
क्षतिपूरक वनीकरण, बिगड़े वनों का सुधार, जल संरक्षण, बांस रोपण, वन्यप्राणी रहवास विकास और नगर वन जैसे कामों में।
किन नए जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बनेंगे?
निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में, हर जिले में 17 नए पद और 8 आउटसोर्स कर्मचारी होंगे।
स्रोत जनसंपर्क विभाग
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