आमला। नगर पालिका परिषद आमला के वार्ड क्रमांक 17 में निर्माणाधीन सीसी सड़क शुरू होते ही विवादों में घिर गई है। शासन से स्वीकृत 10 फीट चौड़ी सड़क अतिक्रमण के कारण मात्र लगभग 7 फीट चौड़ाई में बनाई जा रही है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने के बाद दोपहिया वाहन तो किसी तरह निकल जाएंगे, लेकिन कार, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे बड़े वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो जाएगी।

मौके पर देखने पर स्पष्ट दिखाई देता है कि सड़क के दोनों ओर कई स्थानों पर अतिक्रमण किया गया है। कहीं लोगों ने दीवारें आगे बढ़ाकर सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया है तो कहीं अवैध नालियों के निर्माण से सड़क की चौड़ाई कम हो गई है। इसके बावजूद पहले अतिक्रमण हटाने के बजाय सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे निर्माण एजेंसी को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पहले सीमांकन कर अतिक्रमण हटाया जाता, तो स्वीकृत मानक के अनुसार पूरी चौड़ाई में सड़क का निर्माण संभव हो पाता। अब संकरी सड़क बनने से भविष्य में यातायात, आपातकालीन सेवाओं और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

*ठेकेदार ने बताई मजबूरी*

निर्माण एजेंसी के ठेकेदार योगेंद्र पवार ने बताया कि "लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है, इसलिए सड़क बनाने में दिक्कत आ रही है।"

*नगर पालिका अध्यक्ष ने दिए जांच के निर्देश*

नगर पालिका परिषद आमला के अध्यक्ष नितिन गाडरे ने कहा कि "इंजीनियर को भेजकर जांच करवाई जाएगी और जो भी आवश्यक होगा, उसके अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"

 

*अब देखना यह होगा कि नगर पालिका पहले अतिक्रमण हटाकर स्वीकृत चौड़ाई के अनुसार सड़क निर्माण कराती है या फिर संकरी सड़क बनाकर विकास कार्य को ही सवालों के घेरे में छोड़ देती है।*