आलोट (रतलाम)। भारतीय किसान संघ, ताल-आलोट इकाई ने ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती, जर्जर विद्युत व्यवस्था तथा किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सोमवार को मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो किसानों के हित में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा।

ज्ञापन में बताया गया है कि पिछले कई दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय लगातार 4 से 5 घंटे तक बिजली बंद रहने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्षा ऋतु के दौरान अंधेरे के कारण जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ गया है, जिससे खेतों में कार्य करने वाले किसानों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।

भारतीय किसान संघ ने आरोप लगाया कि आलोट एवं ताल क्षेत्र के अधिकांश गांवों में विद्युत केबलें जर्जर एवं क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। वहीं कई स्थानों पर डीपी (ट्रांसफार्मर) खराब होने के बाद बदलने के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली दूसरी डीपी भी कई बार खराब निकलती है, जिससे किसानों की समस्याएं और बढ़ जाती हैं।

संघ ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि ग्रामीण क्षेत्रों की जर्जर विद्युत केबलों को तत्काल बदला जाए, डीपी से तेल चोरी करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए तथा जांच के बाद ही गुणवत्तापूर्ण ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही, किसानों के बिजली बिलों में की गई अतिरिक्त वृद्धि वापस लेकर बिलों को पूर्ववत सामान्य करने की भी मांग की गई है।

इसके अलावा हुसैनिया ग्रिड से निकलने वाले ग्रामीण फीडरों पर पुराने एवं जर्जर तारों को बदलने तथा विद्युत भार (लोड) कम करने की मांग भी रखी गई है, ताकि बार-बार तार टूटने और बिजली बाधित होने की समस्या से किसानों को राहत मिल सके।

भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते इन मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो किसानों के हित में आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी विद्युत विभाग एवं प्रशासन की होगी।