कांग्रेस की नई नियुक्तियों पर अल्पसंख्यक समाज का आक्रोश, संगठन में गुटबाजी की आशंका

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की हालिया नियुक्तियों को लेकर जिले में सियासी हलचल तेज हो गई है। अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं ने आरोप लगाया है कि नई नियुक्तियों में मुस्लिम और सिख समाज को दरकिनार किया गया है, जिससे संगठन के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।

कांग्रेस के पूर्व जिला महामंत्री ए.आर. खान ने कहा कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति में जातीय और सामाजिक संतुलन बनाने में असफल रहे हैं। उनके अनुसार जिले की 12 ब्लॉक कमेटियों में अल्पसंख्यक समाज को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी साफ नजर आ रही है।

कुछ अल्पसंख्यक कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वर्तमान कार्यप्रणाली के चलते जिला और ब्लॉक स्तर पर तालमेल कमजोर हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियुक्तियां गुटबाजी के आधार पर की जा रही हैं, जिससे वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी हो रही है और संगठनात्मक मजबूती प्रभावित हो रही है।

वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, गुटीय संतुलन साधने के लिए पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे को जिले के छह ब्लॉक अध्यक्षों की जिम्मेदारी दी गई, जबकि अन्य छह नियुक्तियां जिला अध्यक्ष की ओर से की गईं। इसी को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं।

मुस्लिम समाज से जुड़े नेताओं ने दावा किया कि जिले के 12 ब्लॉक अध्यक्षों में एक भी मुस्लिम प्रतिनिधि को जगह नहीं दी गई है। इस मुद्दे को लेकर कुछ नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व को पत्र लिखकर जिला अध्यक्ष को हटाने की मांग भी की है।

हालांकि, इस संबंध में जिला कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संगठन के भीतर उठ रहे असंतोष को समय रहते दूर नहीं किया गया तो इसका असर आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।