सतना जिले में आगामी जनगणना 2027 की तैयारियां अब जोर पकड़ने लगी हैं। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। हाल ही में कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी डॉ. सतीश कुमार एस की अध्यक्षता में संपन्न हुई जनगणना कार्य और समय-सीमा (TL) बैठक में जिले की भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला जनगणना हस्त पुस्तिका (डिस्ट्रिक्ट सेन्सस हैण्डबुक) के लिए राजस्व ग्राम एवं नगर निर्देशिका से संबंधित आंकड़ों का संचयन एवं संकलन आगामी अगस्त माह में किया जाएगा।

जनगणना 2027: व्यवस्थित और पारदर्शी कार्यप्रणाली

बैठक में जनगणना कार्य की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया गया कि यह पूरी प्रक्रिया आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों से संपन्न होगी।

  • सर्कुलर 18 का अनुपालन: डिस्ट्रिक्ट सेन्सस हैण्डबुक के निर्माण हेतु सर्कुलर 18 के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा।

  • डिजिटल संकलन: गांव और शहर की आधारभूत सुविधाओं की जानकारी पूरी तरह से एक विशेष ऐप के माध्यम से संकलित की जाएगी, जिससे डेटा की सटीकता बनी रहे।

  • क्षेत्र पदाधिकारियों की नियुक्ति: चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम एवं नगर के लिए क्षेत्र पदाधिकारियों की नियुक्ति करें। इन पदाधिकारियों के रूप में पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव और ग्रामीण विकास अधिकारियों को दायित्व सौंपा जाएगा।

  • प्रशिक्षण और समय-सीमा: पूरी प्रक्रिया के लिए एक समय-सीमा निर्धारित की गई है। चार्ज अधिकारियों का रजिस्ट्रेशन 15 जून तक अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद जुलाई माह में सभी क्षेत्र पदाधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि अगस्त से डेटा संकलन का कार्य बिना किसी त्रुटि के शुरू हो सके।

राजस्व और कृषि कार्यों पर प्रशासन की सख्ती

जनगणना के साथ-साथ कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिले के राजस्व और कृषि कार्यों को अभियान मोड में संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

  • फार्मर रजिस्ट्री और सीमांकन: कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि फार्मर रजिस्ट्री और लंबित सीमांकन प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। इस प्रगति की निगरानी हेतु स्वयं कलेक्टर प्रतिदिन शाम 6:30 बजे एसडीएम और तहसीलदारों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से समीक्षा करेंगे।

  • खरीफ कार्य योजना: कृषि उत्पादन आयुक्त की आगामी संभावित बैठक को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, मत्स्य एवं पशुपालन विभागों को जिले की ठोस 'खरीफ कार्य योजना' तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

  • तकनीक का प्रचार: किसानों को डीएसआर (DSR) जैसी उन्नत कृषि तकनीकों से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे इसे अपनाकर अपनी आय और उत्पादकता में वृद्धि कर सकें।

आपदा प्रबंधन और जनसुविधाओं पर विशेष ध्यान

बैठक का एक प्रमुख विषय मानसून की पूर्व तैयारियां रहा। कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन के तहत निम्नलिखित निर्देश दिए:

  • जलभराव की रोकथाम: ग्रामीण और नगरीय इलाकों के निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति न बने, इसके लिए अभी से वैकल्पिक जल निकासी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • सीएम हेल्पलाइन का निराकरण: सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के प्रति प्रशासन की गंभीरता को दोहराते हुए कलेक्टर ने कहा कि कोई भी शिकायत 'नाट-अटेण्ड' श्रेणी में नहीं होनी चाहिए।

  • विभागीय जवाबदेही: यदि किसी विभाग में एक ही प्रकृति की 100 से अधिक शिकायतें लंबित हैं, तो विभाग प्रमुख को स्वयं उनका निराकरण करना होगा।

  • रोड सेफ्टी: सड़क सुरक्षा और 'जीरो फैटलिटी' (शून्य मृत्यु दर) के लक्ष्यों की समीक्षा में प्रगति न होने पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने एनएचएआई (NHAI), एनएचपीडब्ल्यूडी (NHPWD) और एमपीआरडीसी (MPRDC) के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

प्रशासनिक नेतृत्व की भूमिका

सतना जिले के इस महत्वपूर्ण बैठक में आयुक्त नगर निगम शेर सिंह मीना, सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, राहुल सिलाडिया, एलआर जांगडे, सुभाष मिश्रा, सुमेश द्विवेदी सहित जिले के सभी प्रमुख विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। यह बैठक दर्शाती है कि जिला प्रशासन न केवल आने वाले जनगणना जैसे बड़े राष्ट्रीय कार्यों के लिए तैयार है, बल्कि जनहित से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं और राजस्व प्रकरणों को निपटाने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

निष्कर्ष

सतना जिले का यह प्रशासनिक ढांचा अब पूरी तरह से 'लक्ष्य-उन्मुख' (Target-oriented) होकर कार्य कर रहा है। जनगणना 2027 की तैयारियों को समय पर शुरू करना, कृषि के क्षेत्र में उन्नत तकनीकों का प्रसार करना और आपदा प्रबंधन के लिए पूर्व तैयारी करना, ये सभी कदम जिले के सुनियोजित विकास के संकेत हैं। कलेक्टर के सख्त निर्देश और नियमित समीक्षा का परिणाम यह होगा कि आगामी मानसून सत्र और जनगणना कार्य में सतना जिला एक मिसाल बनकर उभरेगा। प्रशासन ने अब गेंद अधिकारियों के पाले में डाल दी है, और आने वाले कुछ महीने जिले के लिए कार्यों की गति और निष्ठा के परीक्षा के समान होंगे।

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