कटनी, 29 जुलाई 2026: कटनी जिले में खनिज संपदा के अवैध दोहन पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को और अधिक तेज और व्यापक कर दिया है। अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के साथ-साथ नियमों की अवहेलना कर संचालित होने वाली गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी के दायरे को पूरी तरह से कड़ा करने का निर्णय लिया है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला टास्क फोर्स समिति की समीक्षा बैठक में खनिजों के अवैध कारोबार पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने के लिए कई अत्यंत महत्वपूर्ण और कड़े निर्णय लिए गए हैं।
इस उच्चस्तरीय बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा, वन मंडलाधिकारी श्री गर्वित गंगवार, उपसंचालक खनिज श्री रत्नेश दीक्षित सहित अन्य प्रमुख प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर श्री तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि अवैध खनन और परिवहन के मामलों में केवल खानापूर्ति या औपचारिक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए, बल्कि ऐसी सख्त और प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए जो नियमों को तोड़ने वालों के लिए एक स्पष्ट और कड़ा संदेश बने। संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी, संयुक्त दलों की आकस्मिक छापामार कार्रवाई और तकनीकी माध्यमों से परिवहन की निगरानी को अत्यधिक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।
स्टॉक में गड़बड़ी रोकने के लिए भौतिक सत्यापन
जिले में स्वीकृत सभी खनिज भंडारण अनुज्ञप्तियों में दर्ज स्टॉक के ऑनलाइन रिकॉर्ड का मिलान मौके पर उपलब्ध वास्तविक मात्रा से कराया जाएगा, जिसके लिए भौतिक सत्यापन की व्यवस्था लागू की गई है। इसके अलावा, नए भंडारण लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले प्रत्येक आवेदक को भूस्वामी की सहमति, वैध खनिज स्रोत के दस्तावेज और आईबीएम का मिनरल ट्रेडिंग लाइसेंस प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस नई और पारदर्शी व्यवस्था से खनिज के उत्खनन स्रोत से लेकर उसके अंतिम भंडारण तक की पूरी प्रक्रिया की निगरानी अत्यंत मजबूत होगी। साथ ही, किसी भी अवैध स्रोत से खनिज लाकर उसका भंडारण करने की संभावनाओं पर पूरी तरह से प्रभावी अंकुश लग सकेगा।
खनिज ब्लॉकों की प्रक्रिया में तेजी और समय-सीमा निर्धारण
मुख्य खनिजों के नए नीलामी ब्लॉकों के लिए राजस्व विभाग, वन विभाग और संबंधित ग्राम पंचायत से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राथमिकता के आधार पर प्राप्त किए जाएंगे। इसके बाद आकलन समिति के माध्यम से सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए प्रस्ताव निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च स्तर पर भेजे जाएंगे।
इसी प्रकार, शासकीय भूमि पर गौण खनिजों के अनुसूची-5 के नवीन ब्लॉकों का उचित चिन्हांकन किया जाएगा और नियमों के दायरे में रहकर सभी प्राप्त आवेदनों का त्वरित व समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
शासकीय निर्माण कार्यों की आवश्यकता पर ही मिलेगी टीपी
खनिजों की परिवहन अनुज्ञा (टीपी) के संबंध में भी बैठक में बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। जिले के भीतर टीपी का प्रदाय अब केवल स्वीकृत शासकीय निर्माण कार्यों की वास्तविक और जरूरी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ही किया जाएगा। इस कदम से खनिज परिवहन की संपूर्ण प्रक्रिया को और अधिक नियंत्रित, अनुशासित और पारदर्शी बनाने में बहुत मदद मिलेगी।
शिकायतों पर संयुक्त टीमों की होगी सरप्राइज रेड
अवैध उत्खनन, अवैध परिवहन और अवैध भंडारण से जुड़ी किसी भी प्रकार की शिकायत को प्रशासन द्वारा बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। इसी के तहत, संवेदनशील खदानों और पहले से चिन्हित संदिग्ध क्षेत्रों में विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमों द्वारा सघन और रैंडम छापामार कार्रवाई की जाएगी। इन कार्रوایوں को पूरी तरह अचानक और प्रभावी बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि अवैध गतिविधियों में लिप्त किसी भी व्यक्ति या सिंडिकेट को सतर्क होने या कार्रवाई से बचने का कोई अवसर न मिल सके।
ओवरलोड और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर होगी राजसात की कार्रवाई
खनिज परिवहन के दौरान नियमों का घोर उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध अब प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। सड़कों पर बिना नंबर प्लेट के बेखौफ दौड़ने वाले वाहनों तथा निर्धारित क्षमता से अधिक खनिज का परिवहन करने वाले ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध एक विशेष और सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। यदि जांच के दौरान किसी भी प्रकार का नियम उल्लंघन पाया जाता है, तो खनिज अधिनियम एवं परिवहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधित वाहनों को तुरंत अधिग्रहित कर उन्हें राजसात करने की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
ई-चेक पोस्ट से लेकर रात के अंधेरे तक रहेगी पैनी नजर
खनिज परिवहन की संपूर्ण निगरानी व्यवस्था को तकनीकी रूप से और अधिक चुस्त-दुरस्त बनाने के लिए सभी प्रमुख ई-चेक पोस्टों पर आवश्यक संकेतक बोर्ड और गति नियंत्रक (स्पीडोमीटर) लगाए जाएंगे। इसके अलावा, रात के शांत समय में होने वाले अवैध परिवहन और खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासनिक संयुक्त दलों को रात के वक्त भी सरप्राइज रेड करने के विशेष निर्देश दिए गए हैं।
इसका अर्थ यह है कि अब प्रशासन की निगरानी केवल दिन के उजाले या सामान्य कार्यालयीन समय तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रात्रि के समय भी हर एक संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण और श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोपरि
कठोर प्रशासनिक और दंडात्मक कार्रवाइयों के साथ-साथ इस उच्चस्तरीय बैठक में खदानों की सुरक्षा, पर्यावरण संतुलन और वृक्षारोपण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सभी स्वीकृत पट्टाधारकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने खदान परिसर के भीतर सघन वृक्षारोपण कराएं और किसी भी प्रकार की अनहोनी या दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए खदान के चारों ओर मजबूत तारफेंसिंग (बाउंड्री/फेंसिंग) कराना सुनिश्चित करें।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने अपनी बात दोहराते हुए स्पष्ट किया कि जिले के खनिज संसाधनों का उपयोग क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए ही होना चाहिए, लेकिन इसके साथ-साथ पर्यावरण का संरक्षण, खदानों में काम करने वाले श्रमिकों की पूर्ण सुरक्षा और निर्धारित सभी नियमों का कड़ाई से पालन करना भी उतना ही अनिवार्य है। प्रशासन किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा।
image source : https://katni.mpinfo.org
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