केसली में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन, समझौते के बाद पक्षकारों को पौधे भेंट

केसली (सागर) में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशन में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने न्यायालयीन लंबित मामलों और बैंक रिकवरी से जुड़े मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान किया। इस अदालती पहल ने न्यायिक प्रक्रिया को सहज और सुलभ बना दिया है, जिससे पक्षकारों में उत्साह देखा गया।

  • कार्यक्रम का शुभारंभ पीठासीन अधिकारी न्यायाधीश कुलदीप नामदेव और वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
  • समझौता करने वाले पक्षकारों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे भेंट किए गए।
  • दीर्घकालिक लंबित मामलों जैसे आपराधिक शमनीय मामले, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के प्रकरण, भरण-पोषण विवाद और दीवानी मामलों का त्वरित निराकरण किया गया।
  • मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने प्री-लिटिगेशन प्रक्रिया के माध्यम से अपने ग्राहकों के साथ समझौते कर लोन खातों का निपटारा किया।
  • कार्यक्रम में अधिवक्ता संघ केसली के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह, अन्य सदस्य, न्यायालयीन स्टाफ और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

महत्वपूर्ण निर्देश: लोक अदालत की प्रक्रिया नि:शुल्क होती है। यह एक अनौपचारिक मंच है जहां दोनों पक्षों की सहमति से विवादों को सुलझाया जाता है।

इस लोक अदालत ने सैकड़ों पक्षकारों को न्याय दिलाने में मदद की है, जिससे न केवल उनके समय की बचत हुई बल्कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया की जटिलताओं से भी मुक्ति मिली। इस पहल ने समाज में विधिक जागरूकता और सामूहिक सहयोग का संदेश दिया है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण के महत्व को भी रेखांकित किया है।