बालाघाट, 29 जुलाई 2026: जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने मंगलवार, 28 जुलाई को कृषि विभाग तथा जनजातीय कार्य विभाग से संबंधित सीएम हेल्पलाइन की 50 दिनों से अधिक समय से लंबित पड़ी शिकायतों की व्यक्तिगत रूप से समक्ष में सुनवाई की। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे शिकायतों का केवल कागजी निराकरण करने के बजाय उनकी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें, पात्र मामलों में त्वरित कार्रवाई करें और शिकायतकर्ताओं की पूर्ण संतुष्टि के साथ प्रत्येक प्रकरण का सकारात्मक निराकरण सुनिश्चित करें।

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान वारासिवनी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम कायदी निवासी जितेन्द्र द्वारा दर्ज कराई गई एक गंभीर शिकायत पर कलेक्टर ने काफी सख्त रुख अपनाया। शिकायत में मुख्य रूप से यह बताया गया था कि कृषि विभाग की 'आत्मा परियोजना' के अंतर्गत ग्राम के अधिकृत आत्मा समूह को एक पावर ट्रैक्टर और ट्रॉली उपलब्ध कराई गई थी। परंतु, समिति के अध्यक्ष योगराज चौरावार द्वारा उस ट्रॉली को अवैध रूप से बेच दिया गया, जिसके कारण क्षेत्र के किसानों को शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा था।

मामले की गंभीरता को समझते हुए कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने उप संचालक कृषि को तुरंत आदेशित किया कि वे संबंधित समिति अध्यक्ष के विरुद्ध स्थानीय थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराएं और इस संबंध में सभी आवश्यक कानूनी कार्रवाई बिना किसी देरी के पूरी करें।

बीज अनुदान और लंबित भुगतानों के प्रकरणों पर निर्देश

समीक्षा के दौरान विभिन्न विकासखंडों से आए अन्य कृषि मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई:

  • किरनापुर विकासखंड का मामला: ग्राम सेवती निवासी चेतराम बहेकार द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान चना बीज पर अनुदान राशि का भुगतान न मिलने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस पर उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने स्पष्ट किया कि अनुदान राशि के भुगतान की प्रक्रिया वर्तमान में निरंतर जारी है। जैसे ही शासन स्तर से नया बजट प्राप्त होगा, बीज प्रदाय करने वाली बोलगांव सोसायटी को नियमानुसार राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। इसी तथ्य के आधार पर इस शिकायत के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।

  • खैरलांजी विकासखंड का मामला: ग्राम गजपुर की बीज उत्पादक समिति के सदस्य होलूराम पटले द्वारा वर्ष 2019 में कृषि विभाग को 35 क्विंटल धान बीज प्रदाय किए जाने के बावजूद 01 लाख 45 हजार 665 रुपये की बकाया राशि का भुगतान न होने की शिकायत रखी गई थी। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि बीज प्रदाय करने के संबंध में न तो कोई आधिकारिक वर्क ऑर्डर प्रस्तुत किया गया है और न ही संबंधित अधिकारी को बीज सौंपने का कोई ठोस अभिलेख रिकॉर्ड में उपलब्ध है। कलेक्टर श्री मीना ने शिकायतकर्ता को निर्देश दिए कि वे अपने सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें, जिसके बाद नियमानुसार भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

जनजातीय कार्य विभाग के मामलों की समीक्षा और छात्रवृत्ति भुगतान

जनजातीय कार्य विभाग से जुड़े प्रकरणों की सुनवाई करते हुए तिरोड़ी तहसील के ग्राम कोसुम्बा निवासी आकाश द्वारा अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि न मिलने की शिकायत पर विशेष ध्यान दिया गया। कलेक्टर श्री मीना ने सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग को निर्देशित किया कि वे पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच करें और यदि आवेदक पात्र पाया जाता है, तो उसे शीघ्र अति शीघ्र प्रोत्साहन राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति भुगतान से संबंधित दो अन्य महत्वपूर्ण शिकायतों की भी समक्ष में सुनवाई की गई। विभागीय अधिकारियों ने कलेक्टर को अवगत कराया कि छात्रवृत्ति के भुगतान की प्रक्रिया लगातार जारी है और सभी पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में बहुत जल्द राशि सफलता पूर्वक जमा कर दी जाएगी।

कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने बैठक के अंत में सभी विभागीय अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज होने वाली सभी शिकायतों का एक तय समय-सीमा के भीतर प्रभावी और संतोषजनक निराकरण किया जाना चाहिए, ताकि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ आमजन को समय पर मिल सके।

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