बिरसिंहपुर पाली में कन्या शिक्षा परिसर की पूर्व प्राचार्य द्वारा छात्रवृत्तियों में हुए कथित घोटाले के खिलाफ सत्याग्रह का तीसरा दिन भी प्रशासन की उदासीनता और आंदोलनकारियों की दृढ़ता के बीच गुजरा।
प्रशासन की लीपापोती और आंदोलनकारियों की मांग
आज तहसीलदार नीलेश सिंह अनशन स्थल पर पहुंचे और आंदोलन समाप्त करने के लिए आश्वासन देने की कोशिश की। लेकिन सत्याग्रहियों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, तब तक अनशन जारी रहेगा।
स्वास्थ्य परीक्षण और प्रशासन पर सवाल
तीसरे दिन भूखे-प्यासे सत्याग्रहियों के स्वास्थ्य का जायजा लेने के लिए डॉक्टरों की टीम भेजी गई। स्वास्थ्य परीक्षण के बावजूद, आंदोलनकारियों की जायज मांग का समाधान नहीं निकाला जा सका। प्रशासन पर यह सवाल खड़ा हो रहा है कि जब जांच में घोटाला सिद्ध हो चुका है और छात्रवृत्ति की राशि वापस करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं, तो FIR दर्ज करने और निलंबन की कार्यवाही से प्रशासन को कौन रोक रहा है?
छात्र संगठन और अभिभावकों की चिंता
छात्र संगठन और छात्राओं के अभिभावक भी अब पूछ रहे हैं, "क्या दोषी को बचाने के लिए प्रशासन जानबूझकर आंदोलन को लंबा खींच रहा है?"
प्रशासन की इस चुप्पी ने जनमानस में रोष भर दिया है और अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि प्रशासन कब और कैसे इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करता है।
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