मध्य प्रदेश के सतना जिले में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुदृढ़ करने और चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। नगर परिषद नागौद के वार्ड क्रमांक-13 में रिक्त पार्षद पद के लिए होने वाले उपचुनाव हेतु चयनित मतदान दलों का सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को आयोजित किया गया। यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र सतना के संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के सभाकक्ष में संपन्न हुआ, जिसमें चुनाव ड्यूटी में लगे सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण का उद्देश्य और महत्व

उपचुनाव जैसे छोटे स्तर के चुनावों में भी पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना चुनाव आयोग की प्राथमिकता होती है। इसी क्रम में, मतदान दलों को निर्वाचन के दौरान आने वाली हर छोटी-बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेन्द्र सिंह ने की। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित दल के सदस्यों को चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने के लिए प्रेरित किया।

विशेषज्ञों द्वारा दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के अनुभवी मास्टर ट्रेनर्स की टीम ने मतदान दलों को निर्वाचन प्रक्रिया के तकनीकी और कानूनी पहलुओं से अवगत कराया। उपस्थित प्रमुख विशेषज्ञों में निम्नलिखित शामिल थे:

  • डॉ. बीके गुप्ता: जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर।

  • बीएल बागरी: व्याख्याता, शासकीय पालीटेक्निक महाविद्यालय, सतना।

  • द्वारिकेन्द्र सिंह: इलेक्शन सुपरवाइजर।

  • केबी त्रिपाठी: सहायक अधीक्षक।

  • अशोक कुमार आदिवासी और मो. इरफान: निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण अधिकारी।

प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु

प्रशिक्षण के दौरान मतदान दलों को चार प्रमुख वर्गों में जानकारी दी गई, जो चुनाव के दिन बेहद महत्वपूर्ण साबित होते हैं:

  1. निर्वाचन प्रक्रिया एवं नियम: मतदान शुरू होने से लेकर मतदान समाप्ति तक की कानूनी प्रक्रियाओं और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों की विस्तार से जानकारी दी गई।

  2. ईवीएम (EVM) का संचालन: उपचुनाव में प्रयुक्त होने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के संचालन, मॉक पोल (Mock Poll) की प्रक्रिया और मशीन में आने वाली छोटी-मोटी तकनीकी खराबी को दूर करने का व्यावहारिक प्रदर्शन दिया गया।

  3. मतदाता पहचान प्रक्रिया: मतदान के लिए आने वाले नागरिकों की पहचान सुनिश्चित करने, उनकी मतदाता पर्ची की जांच करने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के उपायों पर चर्चा की गई।

  4. मतदान सामग्री का प्रबंधन: मतदान से एक दिन पूर्व सामग्री प्राप्त करने से लेकर मतदान समाप्ति के बाद सील्ड सामग्री को स्ट्रांग रूम तक सुरक्षित पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई।

निष्पक्षता और शांतिपूर्ण चुनाव पर जोर

अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने मतदान दलों को निर्देशित किया कि वे चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार का दबाव न लें और पूर्णतः निर्भीक होकर अपने कर्तव्यों का पालन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागौद के वार्ड क्रमांक-13 में उपचुनाव को पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने मतदान दल के सदस्यों को किसी भी प्रकार की शंका के समाधान के लिए तत्पर रहने का भरोसा दिया।

प्रशासन की तैयारियों का जायजा

सतना जिला प्रशासन ने इस उपचुनाव को लेकर सुरक्षा और संचार के भी पुख्ता इंतजाम किए हैं। मतदान दलों को यह भी समझाया गया कि किसी भी अप्रिय स्थिति या कानून व्यवस्था से जुड़ी समस्या होने पर त्वरित प्रतिक्रिया बल (QRT) या सेक्टर अधिकारियों को कैसे सूचित करना है। नागौद उप चुनाव के लिए प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से मुस्तैद दिख रहा है।

निष्कर्ष

सतना जिले के नागौद में होने वाला यह उपचुनाव वार्ड क्रमांक-13 के निवासियों के लिए अपने जनप्रतिनिधि को चुनने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। मतदान दलों का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाता है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास भी बढ़ाता है। प्रशिक्षण के समापन के बाद, अब प्रशासनिक अधिकारी अंतिम तैयारियों में जुटे हैं ताकि मतदान के दिन मतदाता बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। सतना प्रशासन की ओर से की गई यह तैयारी एक सफल और लोकतांत्रिक चुनाव की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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