सतना जिले के रैगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सोहावल जनपद पंचायत में शुक्रवार को एक भव्य 'जनकल्याण शिविर' का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचाना और आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना था। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी द्वारा किया गया। शिविर में उमड़ी जनसैलाब यह दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के लिए इस प्रकार के आयोजन कितने महत्वपूर्ण हैं।
शिविर का उद्देश्य और राज्यमंत्री की प्रतिबद्धता
आयोजन के दौरान अपने संबोधन में राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार की स्पष्ट मंशा है कि राज्य का कोई भी पात्र नागरिक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जरूरतमंदों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसीलिए प्रशासन खुद जनता के द्वार पहुँच रहा है।
राज्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि:
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पारदर्शिता: सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी तरह से पारदर्शी होना चाहिए।
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समयबद्धता: पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान करने में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
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सेतु के रूप में कार्य: जनकल्याण शिविर शासन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ जनसमस्याओं को सुनकर मौके पर ही उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाता है।
प्रशासनिक तैयारी और सक्रिय भागीदारी
इस महत्वपूर्ण शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों और जन-प्रतिनिधियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को गति प्रदान की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री विकास सिंह, जनपद पंचायत सोहावल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री प्रतिपाल सिंह बागरी, जनपद सदस्य श्री रावेन्द्र सिंह, श्री हरिओम सिंह, श्रीमती आकांक्षा सिंह, विभिन्न पंचायतों के सरपंच एवं अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अधिकारियों की उपस्थिति ने शिविर को एक ऐसा मंच बना दिया जहाँ विभिन्न विभागों के अधिकारी एक साथ बैठकर समस्याओं का निपटारा कर रहे थे। इससे आवेदकों को अपने आवेदन के लिए अलग-अलग कार्यालयों में भटकना नहीं पड़ा। अपर कलेक्टर ने भी मौके पर ही कई समस्याओं की समीक्षा की और लंबित मामलों को तत्काल प्रभाव से सुलझाने के आदेश दिए।
आवेदनों का रिकॉर्ड और त्वरित निराकरण
शिविर के अंत में जनपद पंचायत सीईओ श्री प्रतिपाल सिंह बागरी ने प्राप्त आवेदनों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उनके अनुसार:
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कुल प्राप्त आवेदन: इस शिविर में कुल 948 आवेदन दर्ज किए गए।
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मौके पर निराकरण: प्रशासन की तत्परता का प्रमाण यह है कि 948 में से 700 आवेदनों का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया।
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शेष आवेदनों की स्थिति: बाकी बचे 248 आवेदनों को संबंधित विभागों को सौंपा गया है, जिन्हें एक निश्चित समय-सीमा के भीतर हल करने का वादा प्रशासन द्वारा किया गया है।
ये आंकड़े न केवल प्रशासन की कार्यकुशलता को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी सिद्ध करते हैं कि सोहावल क्षेत्र के निवासियों में सरकार की इन योजनाओं के प्रति भारी विश्वास है। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने न केवल अपनी समस्याएं रखीं, बल्कि नई सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी भी प्राप्त की।
जनसेवा के प्रति सरकार का संकल्प
राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने कहा कि जनहित और जनसेवा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। धरातल पर योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। जनकल्याण शिविर का मूल उद्देश्य समस्याओं का निवारण कर आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
सोहावल का यह शिविर इस बात का उदाहरण है कि यदि इच्छाशक्ति और प्रशासनिक समन्वय हो, तो सरकारी तंत्र के माध्यम से जनसमस्याओं को बहुत कम समय में सुलझाया जा सकता है। आने वाले समय में भी जिले के अन्य हिस्सों में इस तरह के शिविरों का आयोजन जारी रहेगा, जिससे कि सुशासन का लाभ हर घर तक पहुँच सके। उपस्थित जन-प्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया।
Image Source : https://satna.mpinfo.org

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