विदिशा में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार ने एक नई पहल की है। प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय स्थित वीसी कक्ष से एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) से लेकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के मध्य आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करना और उनकी तैयारियों की समीक्षा करना था। इस बैठक में विदिशा जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।

5 जून से 21 जून तक चलेगा विशेष अभियान

मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने स्पष्ट किया कि 5 जून से 21 जून तक की समयावधि प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दौरान जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए एक सघन अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों और विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन 16 दिनों में संचालित होने वाली सभी गतिविधियों को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारा जाए। अभियान का मुख्य उद्देश्य जन-जन को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना और उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है।

पर्यावरण दिवस और 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान

बैठक के दौरान 5 जून को आयोजित होने वाले विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष जोर दिया गया। इस दिन प्रदेश भर में वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। मुख्य सचिव ने "एक पेड़ माँ के नाम अभियान 3.0" के शुभारंभ की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस अभियान का उद्देश्य न केवल पौधारोपण करना है, बल्कि आम नागरिकों को प्रकृति के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ना भी है। विदिशा के वन मंडलाधिकारी श्री हेमन्त कुमार यादव को जिले में उपयुक्त स्थानों का चयन कर पौधारोपण को जन-आंदोलन बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वच्छता और जन-कल्याण शिविरों की रूपरेखा

अभियान की श्रृंखला में 8 जून से राज्यव्यापी स्वच्छता अभियान का आगाज होगा। मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि शहरों से लेकर गाँवों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचे। इसके साथ ही, 12 जून से 18 जून के बीच 'त्रि-दिवसीय जनकल्याण शिविरों' का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का उद्देश्य उन हितग्राहियों तक पहुँचना है जो अब तक विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। शिविरों में स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व और कृषि से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला का आयोजन

अभियान के अंतिम चरणों में 19 और 20 जून को प्राकृतिक खेती पर आधारित कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इन कार्यशालाओं में किसानों को कम लागत और अधिक लाभ वाली खेती के गुर सिखाए जाएंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखती है, बल्कि नागरिकों को रसायनों से मुक्त भोजन उपलब्ध कराने में भी सहायक है।

विदिशा में तैयारियों को लेकर मंथन

विदिशा के एनआईसी वीसी कक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिला प्रशासन की तत्परता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। बैठक में कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने मुख्य सचिव के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। बैठक में वन मंडलाधिकारी श्री हेमन्त कुमार यादव, अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार डामोर और जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुरूप विदिशा जिले में कार्य योजना तैयार कर ली जाए। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया ताकि 5 जून से शुरू होने वाला यह महा-अभियान सफल हो सके।

जनकल्याण और पर्यावरण का अनूठा संगम

यह अभियान प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें पर्यावरण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और कृषि जैसे सभी महत्वपूर्ण आयामों को एक साथ शामिल किया गया है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल योजनाओं का क्रियान्वयन हो, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव भी आए। विदिशा प्रशासन द्वारा इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रत्येक स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि हर पात्र नागरिक को योजना का लाभ मिल सके।

निष्कर्ष: प्रशासनिक जवाबदेही और जन-सहयोग

मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन की इस समीक्षा बैठक ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले 16 दिन प्रदेश के विकास के लिए निर्णायक होंगे। विदिशा जिला प्रशासन अब इस अभियान को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। स्वच्छता, स्वास्थ्य और पौधारोपण जैसी गतिविधियों के माध्यम से विदिशा के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन ने जिले के जागरूक नागरिकों से भी अपील की है कि वे इन अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लें और राष्ट्र निर्माण एवं पर्यावरण संरक्षण में अपना बहुमूल्य योगदान दें।

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