मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला है। जिले की कुरवाई तहसील के ग्राम कांकर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत संचालित कार्यों का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने जमीनी हकीकत को परखा। इस दौरान उन्होंने न केवल शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति का जायजा लिया, बल्कि "एक बगिया मां के नाम" अभियान से लाभान्वित हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को भी करीब से समझा। यह निरीक्षण कार्यक्रम ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो रहा है, जहां पर्यावरण और रोजगार का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।

मनरेगा: ग्रामीण विकास का सशक्त आधार

ग्राम पंचायत कांकर में मनरेगा के अंतर्गत विकास कार्यों को अत्यंत प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री गुप्ता ने अपने निरीक्षण के दौरान पाया कि ग्राम पंचायत द्वारा न केवल स्थानीय श्रमिकों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, बल्कि गांव के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

मनरेगा योजना के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना आज ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरी है। गांव में ही रोजगार उपलब्ध होने के कारण श्रमिकों के पलायन में कमी आई है और उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मनरेगा के माध्यम से किए जा रहे ये निर्माण कार्य गांव की तस्वीर बदलने का काम कर रहे हैं।

“एक बगिया मां के नाम” अभियान का प्रभाव

ग्राम कांकर में कलेक्टर ने विशेष रूप से “एक बगिया मां के नाम” योजना से लाभान्वित हितग्राही श्रीमती मथरोबाई पति श्री कुंअर सिंह के कार्यस्थल का दौरा किया। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण का एक बेहतरीन उदाहरण है।

  • पर्यावरण संरक्षण: इस पहल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली का विस्तार किया जा रहा है, जो भावी पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करेगा।

  • रोजगार सृजन: बगिया निर्माण के माध्यम से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त हो रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिल रहा है।

  • महिला सशक्तिकरण: कलेक्टर ने श्रीमती मथरोबाई के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाएं जब सामुदायिक भागीदारी और स्वरोजगार के माध्यम से आगे बढ़ती हैं, तो वे परिवार और समाज दोनों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं।

कलेक्टर श्री गुप्ता ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसी पहलें ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार हैं। उन्होंने अन्य महिलाओं को भी ऐसी योजनाओं से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

पारदर्शिता और जवाबदेही: प्रशासन का मूल मंत्र

प्रशासन द्वारा मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। ग्राम कांकर में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कार्य स्थल पर लगे सूचना बोर्ड का अवलोकन किया। इस सूचना बोर्ड में कार्य की लागत, मजदूरी दर, कार्य की अवधि और वहां नियोजित श्रमिकों की संख्या का स्पष्ट उल्लेख किया गया था।

कलेक्टर ने निर्देशित किया कि:

  • तकनीकी मानक: कार्य का निष्पादन पूर्णतः निर्धारित स्वीकृति एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप ही किया जाए।

  • गुणवत्ता: कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।

  • सतत मॉनिटरिंग: प्रशासन की ओर से मनरेगा कार्यों की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि कार्यों को समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराया जा सके।

ग्रामीणों में उत्साह का वातावरण

कलेक्टर के इस दौरे और गांव में हो रहे विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मनरेगा के माध्यम से गांव में निर्माण कार्यों को एक नई गति मिली है। नियमित रोजगार मिलने से लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रशासन की यह सक्रियता उनके भरोसे को और अधिक बढ़ा रही है।

ग्राम पंचायत कांकर द्वारा संचालित ये कार्य न केवल एक गांव के लिए, बल्कि पूरे जिले के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बनकर उभरे हैं। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने भ्रमण के दौरान स्पष्ट किया कि विदिशा प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी व्यवस्था खड़ी करना है, जहां पर्यावरण और विकास साथ-साथ चल सकें।

अंत में, कलेक्टर ने विश्वास जताया कि यदि इसी प्रकार पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ मनरेगा का क्रियान्वयन जारी रहा, तो ग्राम कांकर आत्मनिर्भरता की दिशा में एक आदर्श पंचायत के रूप में स्थापित होगा। प्रशासन और आमजन की यह भागीदारी आगामी समय में विदिशा जिले के ग्रामीण विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

Image Source: https://vidisha.mpinfo.org