विदिशा जिले में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम एक बार फिर पीड़ित नागरिकों के लिए उम्मीद की किरण साबित हुआ है। मंगलवार को आयोजित इस जनसुनवाई में गंजबासौदा नगरीय क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 8 से आई एक दुखी महिला श्रीमती बबीता समैया ने कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के समक्ष अपनी पीड़ा रखी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में उनके पति स्वर्गीय श्री सुमित समैया के निधन के बाद से ही वे आर्थिक संकट और सरकारी जटिलताओं के बीच फंसी हुई थीं। जनसुनवाई में की गई उनकी एक शिकायत ने न केवल प्रशासन की सक्रियता को साबित किया, बल्कि उन्हें उनके अधिकार की वह राशि दिलाने का रास्ता साफ कर दिया, जिसके लिए वे लंबे समय से भटक रही थीं।
क्या था पूरा मामला और महिला की व्यथा
श्रीमती बबीता समैया ने जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर को दिए आवेदन में स्पष्ट किया था कि उनके पति स्वर्गीय श्री सुमित समैया का आकस्मिक निधन वर्ष 2022 में हो गया था। पति के जाने के बाद परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया। श्रीमती बबीता ने बताया कि उनके पति का बैंक में खाता था, जिसमें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) जुड़ी हुई थी। उन्हें यह जानकारी थी कि इस योजना के अंतर्गत आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में परिवार को बीमा सुरक्षा का लाभ मिलता है, लेकिन पिछले करीब चार वर्षों से वे बैंक के चक्कर काट रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक प्रबंधन उन्हें न तो बीमा संबंधी स्पष्ट जानकारी दे रहा था और न ही क्लेम की प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन कर रहा था। बार-बार बैंक और संबंधित कार्यालयों के चक्कर काटने के बाद भी उन्हें कोई ठोस परिणाम नहीं मिल रहा था, जिसके चलते उन्होंने अंततः जनसुनवाई में आने का निर्णय लिया।
कलेक्टर की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने श्रीमती बबीता समैया की आपबीती को अत्यंत गंभीरता से सुना। उन्होंने आवेदिका के चेहरे पर दिख रहे दर्द और परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने न केवल इस मामले को दर्ज किया, बल्कि मौके पर ही बैंक अधिकारियों से संपर्क करने के निर्देश दिए। कलेक्टर की इस सक्रियता और प्रशासनिक दबाव का तत्काल असर दिखाई दिया। जिला प्रशासन की टीम ने जब संबंधित बैंक से इस खाते और बीमा योजना के रिकॉर्ड को खंगाला, तो यह तथ्य सामने आया कि स्वर्गीय श्री सुमित समैया का खाता वास्तव में 'प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना' के अंतर्गत सक्रिय था। बैंक रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मृतका की पत्नी श्रीमती बबीता समैया इस बीमा राशि की पात्र हैं।
सुरक्षा बीमा योजना: एक बड़ी राहत
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) केंद्र सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है। इसके तहत मामूली वार्षिक प्रीमियम पर दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में परिवार को 2 लाख रुपये तक का बीमा कवर प्रदान किया जाता है। श्रीमती बबीता समैया के मामले में, वर्षों से क्लेम अटका हुआ था, जिससे परिवार को एक बड़ी आर्थिक मदद से वंचित रहना पड़ा था। जिला प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, अब समस्त तकनीकी अड़चनें दूर कर ली गई हैं। प्रशासन और बैंक के समन्वय से श्रीमती बबीता समैया को आगामी कुछ ही दिनों में 2 लाख रुपये की बीमा राशि का चेक प्रदान किया जाएगा। यह राशि मिलने से महिला को अपने बच्चों के भविष्य और घर की आवश्यकताओं को पूरा करने में बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी।
जनसुनवाई की बढ़ती प्रासंगिकता
विदिशा जिले में आयोजित होने वाली जनसुनवाई का उद्देश्य ही यही है कि आम नागरिक अपनी समस्याओं को बिना किसी बिचौलिए के सीधे जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के सामने रख सकें। श्रीमती बबीता समैया का मामला इस बात का प्रमाण है कि यदि सही मंच पर अपनी समस्या को रखा जाए, तो प्रशासन द्वारा त्वरित समाधान संभव है। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता द्वारा दिखाई गई इस संवेदनशीलता ने न केवल एक गरीब परिवार का भविष्य सुरक्षित किया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अधिकारियों के लिए निर्देश
कलेक्टर ने बैंक अधिकारियों को भी कड़ी हिदायत दी है कि ऐसी योजनाओं के मामलों में देरी न की जाए। उन्होंने कहा कि अक्सर जानकारी के अभाव में गरीब परिवार अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में बैंक और संबंधित विभागों का यह नैतिक और प्रशासनिक दायित्व है कि वे समय-समय पर अपने ग्राहकों को बीमा योजनाओं के प्रति जागरूक करें और किसी भी प्रकार की आकस्मिकता होने पर परिवार को बिना किसी अनावश्यक देरी के प्रक्रिया पूरी करने में सहयोग प्रदान करें। प्रशासन अब इस बात की भी मॉनिटरिंग करेगा कि जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना या अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कितने और क्लेम बैंक स्तर पर लंबित हैं।
निष्कर्ष
श्रीमती बबीता समैया के लिए यह जनसुनवाई मात्र एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि न्याय का दिन बन गई। 2 लाख रुपये की यह राशि उनके लिए एक बड़ा संबल साबित होगी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही औपचारिक औपचारिकताएं पूर्ण कर उन्हें चेक सौंप दिया जाएगा। यह घटना न केवल सरकारी योजनाओं के महत्व को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी बताती है कि जनसुनवाई कार्यक्रम किस तरह से एक गरीब और असहाय व्यक्ति की आवाज़ बनकर उनके हक की लड़ाई लड़ने में सक्षम है। विदिशा प्रशासन का यह कदम सराहनीय है और यह जिले के अन्य उन लोगों के लिए भी प्रेरणा है, जो किसी न किसी कारण से अपने अधिकारों से वंचित हैं।
image source: https://vidisha.mpinfo.org

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