भीषण गर्मी में हरे-भरे पेड़ों की छांव का सुकून दे रहा मां नर्मदा जागीरदारपुरा घाट
बैकवाटर में कमी से राजघाट तक आवाजाही शुरु, तेज धूप में नवीन घाट पहुंच रहे श्रद्धालु

बड़वानी -प्रदेश की जीवनदायिनी मां नर्मदा नदी का बैकवाटर अब कम होने लगा है। बीते वर्ष अगस्त माह से जलमग्न रोहिणी तीर्थ अब खुल चुका है। वहीं पूर्ण डूब में मां नर्मदा के पूजन-दर्शन व स्नान के लिए सुविधायुक्त मां नर्मदा जागीरदारपुरा घाट की हरियाली अब अब भीषण गर्मी में श्रद्धालुओं के लिए ठंडी छांव दे रहा है। दरअसल बांध की डूब के चलते नर्मदा किनारों पर बीते वर्षों में तेजी से पेड़ों की कटाई की गई। वहीं कई वर्ष से महीनों तक लगातार डूबे रहने से राजघाट-रोहिणी तीर्थ परिसर के विशालकाय पेड़ धराशायी हो गए, तो कुछ सूखकर नष्ट हो गए। ऐसे में बैकवाटर में कमी के बावजूद श्रद्धालुओं को दिन के समय बिन हरियाली के तट पर भीषण गर्मी व धूप का सामना करना पड़रहा है। ऐसे में ऊंचे टापू क्षेत्र में बना मां नर्मदा जागीरदारपुरा घाट भीषण गर्मी से राहत दे रहा हैं। यहां चहुंओर हरियाली में श्रद्धालु सुकून पा रहे हैं। हालांकि ऊपरी क्षेत्र में बने घाट से बैंकवाटर काफी नीचे चला गया हैं। बावजूद दिन के समय धार्मिक, आध्यात्मिक व पर्यटन की दृष्टि से जागीरदारपुरा घाट श्रद्धालुओं के लिए सुकून का केंद्र बनने लगा हैं। वैसे वर्षाकाल के समय जागीरदारपुरा घाट पर पहुंच मार्ग शहर की कृषि मंडी के पीछे वाले मार्ग से होता हैं। बैकवाटर में कमी से अब कृषि मंडी से सीधे राजघाट तक सड़क मार्ग खुलने से आवाजाही सीधे हो गई है।

*बढ़ती डूब में लिया घाट ने आकार*

उल्लेखनीय है कि राजघाट में नर्मदा बैकवाटर का लेवल 138 मीटर से ऊपर पहुंचता है। ऐसे में राजघाट परिसर से लेकर दो किमी दूर पुराने फिल्टर प्लांट तक चहुंओर जल है। जमाव की स्थिति बनती है। ऐसी स्थिति में रोहिणी तीर्थ क्षेत्र में ही जागीरदारपुरा यूप पर गत वर्ष जुलाई माह से बैकवाटर में बढ़ोतरी के बीच जनसहयोग से ताबड़तोड़ नवीन घाट का निर्माण कराया। वर्तमान में यहां शिव मंदिर, बाल हनुमान मंदिर, मां नर्मदा प्रतिमा स्थापित की गई। संत निवास, परिक्रमा विश्राम स्थल, दोनों समय सदाव्रत भोजन के साथ गौशाला का संचालन तथा चाय पानी के स्टॉल संचालित किए जा रहे

*घाट विस्तार के साथ आगामी माहों में लगाएंगे पौधे*

मां नर्मदा जागीरदारपुरा घाट समिति अध्यक्ष अजयसिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्ण डूब में श्रद्धालुओं को रोहिणी तीर्थ क्षेत्र में ही मां नर्मदा के पूजन-दर्शन, स्नान की सुविधा के लिए यह नवीन घाट के निर्माण का बीड़ा उठाया था। जनसहयोग से घाट का विस्तार कार्य किया जा रहा हैं। वहीं आगामी माहों में वर्षाकाल के पूर्व घाट के आसपास बड़ी मात्रा में नर्मदा भक्तों और आमजन का सहयोग लेकर वृहद स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा।

*दो दिन में बैकवाटर बढ़ने से सड़क की रपट से बह रहा पानी*

बीते कई दिनों से बैकवाटर में कमी के बाद अब दो-तीन दिन से बैकवाटर अचानक बढ़ने लगा। जिससे सड़क मार्ग की रपट के ऊपर से पानी बहने लगा। बैकवाटर बढ़ने का कारण नदी के ऊपरी क्षेत्र में बने बांधों से बिजली उत्पादन के लिए जल प्रवाहित होना और गुजरात में नहरों का पानी बंद करना हो सकता है। सोमवार को रपट से बहते पानी से लोग पैदल व बाइक से राजघाट तक आवाजाही करत नजर आए।