कन्या शिक्षा परिसर की प्राचार्य पर  वैधानिक कार्यवाही की मांग 

 आमरण अनशन का दुसरा दिन 

बिरसिंहपुर पाली -- कन्या शिक्षा परिसर की पूर्व प्राचार्य सरिता जैन को छात्र वृत्ति और अन्य वित्तीय अनियमितताओं में दोषी पाये जाने के बाद निलंबन और पुलिस में  प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर बिरसिंहपुर पाली के अंबेडकर चौक में नगर के दो युवकों ने आज दुसरे दिवस  भी आमरण अनशन पर डटे हुए हैं। विदित होवे की कन्या शिक्षा परिसर पाली  की प्राचार्य पर कन्या शिक्षा परिसर की छात्राओं के बैंक खाते में आयी छात्रवृत्ति को निकलवा कर अपने हाथों में लिये जाने की शिकायत विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक आकाश तिवारी ने कलेक्टर उमरिया और संभागीय उपायुक्त आदिवासी विकास शहडोल से की गयी थी, जिस पर जांच दल गठित कर करायी गयी थी। जिस पर तत्कालीन प्राचार्य सरिता जैन के ऊपर लगाये गये आरोप सिद्ध पाये जाने के बाद छात्रवृत्ति की राशि वापस करने और खंड शिक्षा अधिकारी के पद से हटाये जाने के आदेश जारी किये गए हैं। इस कार्यवाही को अपर्याप्त मानते हुए नगर के युवा अधिवक्ता बंसत तिवारी और युवा अरूण विश्वकर्मा ने विधिवत कलेक्टर उमरिया को ज्ञापन सौंपते हुये बीते दिवस से आमरण अनशन पर बैठ गयें है। इन सत्याग्रहियों का कहना है कि वित्तीय अनियमितताओं में दोषी पाये जाने के बाद न तो सरिता जैन के ऊपर निलंबन की कार्यवाही की गयी और न ही पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी, जो नियम विरूद्ध है। इस मामले में दोषियों को बचाने की चाल चली जा रही है। सत्याग्रहियों ने कहा कि जब तक इस मामले में वैधानिक कार्यवाही नहीं की जायेगी यह आमरण अनशन का सत्याग्रह चलता रहेगा, इस आमरण अनशन को छात्राओं के अभिभावकों का समर्थन भी मिल रहा है।यद्यपि प्रशासन अभी तक इन सत्याग्रहियों से अभी तक बातचीत करना भी उचित नहीं समझी। जबकि इस समस्या को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने भी बीते दिनों कलेक्टर उमरिया को ज्ञापन सौंपते हुये वैधानिक कार्यवाही की मांग की गयी है। देखना लाजिमी होगा की प्राचार्य के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही के लिए अभी और कितना वक्त लगेगा।