मातृ-शिशु स्वास्थ्य और पोषण पर कलेक्टर नीतू माथुर सख्त, टीकाकरण व हाई रिस्क गर्भवतियों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश

रिपोर्टर मुस्तकीम मुगल

आलीराजपुर, । कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं महिला बाल विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में कलेक्टर श्रीमती माथुर ने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत प्रथम तिमाही में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान, एनीमिया की स्क्रीनिंग एवं उपचार, गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप (पीआईएच) के प्रबंधन तथा मातृ मृत्यु समीक्षा की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए तथा हाई रिस्क गर्भवतियों की नियमित मॉनिटरिंग एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार किया जाए। जिन विकासखंडों की प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां के बीएमओ को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान निक्षय आईडी निर्माण, एक्स-रे, एनएएटी (NAAT) टेस्टिंग, टीबी मरीजों को निक्षय मित्र के माध्यम से पोषण सहायता, उपचार परिणाम एवं टीबी मृत्यु दर की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी पात्र मरीजों को समय पर जांच, उपचार एवं पोषण सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) तथा पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि चिन्हित बच्चों का समय पर उपचार एवं रेफरल सुनिश्चित किया जाए तथा अभिभावकों को बच्चों के उपचार के प्रति जागरूक एवं प्रेरित किया जाए।कलेक्टर श्रीमती माथुर ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू), मलेरिया एवं डेंगू नियंत्रण कार्यक्रम, उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह नियंत्रण कार्यक्रम सहित अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी विकासखंडों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार एवं लक्ष्य आधारित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में टीकाकरण की गहन समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सीएमएचओ एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी को अभियान मोड में शेष बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी सप्ताह को "स्वस्थ शिशु सप्ताह" के रूप में संचालित कर बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही ब्रेस्ट कैंसर एवं सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।कलेक्टर श्रीमती माथुर ने सभी अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सीडीपीओ को आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का मूल्यांकन एवं रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने तथा बच्चों की दर्ज उपस्थिति के अनुरूप मेन्यू अनुसार भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।साथ ही सीएमएचओ एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी को ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की नियमित समीक्षा बैठक आयोजित कर उसकी जानकारी कलेक्टर कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सीएमएचओ को जिले में झोलाछाप एवं फर्जी चिकित्सकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।कलेक्टर श्रीमती माथुर ने स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए प्रभावी प्रयास करने पर विशेष जोर दिया।बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती संघमित्रा गौतम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अतुलकर, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री राकेश वानखेड़े सहित स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।