नरवाई प्रबंधन के लिए किसान भाईयों को करें जागरूक — कलेक्टर

 

नरवाई को जलाएं नहीं, नरवाई के उचित प्रबंधन को करें प्रोत्साहित — कलेक्टर

 

सागर 09 मार्च 2026

कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने जिले में नरवाई जलाने से होने वाली घटनाओं को रोकने और नरवाई को न जलाने एवं उसके उचित प्रबंधन के संबंध में जिले के समस्त एसडीएम, तहसीलदारों को निर्देश दिए कि सभी अपने—अपने क्षेत्रों में किसानों, हार्वेस्टर संचालकों के साथ बैठक करें। उन्होंने कहा कि जिले में कहीं भी नरवाई जलाने संबंधी घटना नहीं होनी चाहिए, इस हेतु जिले के किसानों भाईयों के साथ लगातार बैठकें कर उनको नरवाई जलाने के दुष्परिणामों से अवगत कराएं एवं नरवाई प्रबंधन, नरवाई से भूसा बनाने संबंधी तकनीकि जानकारी देकर नरवाई न जलाने हेतु जागरुक करें। उन्होंने कहा कि सुपर सीडर, हैप्पी सीडर सहित नरवाई प्रबंधन में काम आने वाले अन्य कृषि यंत्रों की जानकारी भी किसानों को दें और उनकी खरीद के लिए प्रोत्साहित करें।

 

कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा कि नरवाई जलाएं नहीं बल्कि उसका उचित प्रबंधन करें। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर नरवाई प्रबंधन के लिए किसानों को तकनीकी यंत्रों की खरीद पर सरकार द्वारा अनुदान दिया जा रहा है। शासन की इन योजनाओं का लाभ लें। उन्होंने कहा कि कटाई उपरांत बचे हुए फसल अवशेषों से भूसा तैयार करें, भूसा पशु आहार एवं अन्य औद्योगिक उपयोग में काम आता है और 8 से 10 रुपये प्रति किलोग्राम तक विक्रय किया जा सकता है। पर्याप्त भूसा उपलब्ध न होने से पशु हानिकारक पदार्थ खाते हैं, जिससे वे बीमार होते हैं। नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटती है, लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु नष्ट होते हैं, हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है तथा आग अनियंत्रित होने पर जन-धन एवं संपत्ति की हानि की आशंका रहती है।