कारगिल विजय दिवस पर शहीद मेजर कमलेश पाठक को भूल गया देवरी? प्रतिमा पर नहीं पहुंचा प्रशासन और जनप्रतिनिधि, उठे सवाल

देवरी, सागर। पूरे देश में शनिवार को कारगिल विजय दिवस पर कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया गया। विभिन्न शहरों और कस्बों में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित हुईं, लेकिन सागर जिले के देवरी नगर में एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली।
देवरी की आन, बान और शान माने जाने वाले कारगिल युद्ध के शहीद मेजर कमलेश पाठक की प्रतिमा पर न तो नगर पालिका प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और न ही किसी प्रमुख जनप्रतिनिधि ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इससे स्थानीय लोगों में निराशा और नाराजगी देखने को मिली।
नगरवासियों का कहना है कि जिस वीर सपूत ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, उसके सम्मान में कारगिल विजय दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति कई सवाल खड़े करती है। लोगों का कहना है कि यदि शहीदों के सम्मान के लिए भी समय नहीं निकाला जा सकता, तो यह उनके बलिदान के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आज के समय में शहीदों के नाम पर बड़े-बड़े भाषण और सोशल मीडिया पर संदेश तो दिए जाते हैं, लेकिन जब वास्तविक श्रद्धांजलि देने का अवसर आता है तो जिम्मेदार लोग नजर नहीं आते। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या शहीदों का सम्मान केवल औपचारिकता बनकर रह गया है?