शहडोल। युवाओं को नशे की लत से दूर रखने और समाज को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से शहडोल जिले में 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान की शुरुआत उत्साहपूर्वक की गई। अभियान का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय से जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर किया। रैली में पुलिस अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, छात्र-छात्राएं एवं आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
अभियान का प्रभाव केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिले के अंतिम छोर तक इसकी गूंज सुनाई दी। सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस द्वारा लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। ग्रामीण अंचलों में भी लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया और उन्हें नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
जिले के अंतिम छोर स्थित थाना क्षेत्र में थाना प्रभारी विजेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में अभियान को विशेष रूप से प्रभावी ढंग से चलाया गया। उन्होंने विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्रों के साथ जागरूकता रैली निकालकर यह संदेश दिया गया कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के विनाश का कारण बनता है। विद्यार्थियों को स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में निकाली गई विशाल जागरूकता रैलियों को स्थानीय नागरिकों का भी भरपूर समर्थन मिला। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ सामाजिक अभियान का हिस्सा बनें और अपने गांव, मोहल्ले तथा परिवार को नशामुक्त बनाने में सहयोग करें।
पुलिस प्रशासन का उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना ही नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाकर युवाओं को सुरक्षित और सकारात्मक दिशा देना भी है। इसी सोच के साथ जिलेभर में 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान निरंतर चलाया जा रहा है।
आइए, स्वयं जागरूक बनें, दूसरों को भी जागरूक करें और #नशा_मुक्त_मध्यप्रदेश के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएँ।
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