रीवा में जच्चा-बच्चा मौत मामला: दो डॉक्टरों पर बड़ी कार्रवाई, निलंबन के आदेश
रीवा के शासकीय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। अस्पताल प्रबंधन ने पहले दो नर्सिंग ऑफिसरों के निलंबन के बाद अब दो डॉक्टरों, डॉ. सोनल अग्रवाल और डॉ. निधि पांडे, को भी निलंबित कर दिया है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के निर्देश पर गठित जांच समिति के बीच इस कार्रवाई से अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
- घटना 26 अगस्त को हुई जब कल्पना मिश्रा और उनके गर्भस्थ शिशु की अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी।
- परिजनों ने अस्पताल के कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे।
- जांच समिति ने प्रथम दृष्टया दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की सिफारिश की।
- निलंबित किए गए डॉक्टरों में डॉ. सोनल अग्रवाल और निश्चेतना विभाग की डॉ. निधि पांडे शामिल हैं।
- उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने स्पष्ट किया कि मरीजों का उपचार और परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उपमुख्यमंत्री की चेतावनी: दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया गया है।
इस घटना ने रीवा के स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि भविष्य में ऐसी त्रुटियां न हों। यह मामला न केवल चिकित्सा लापरवाही का है बल्कि यह परिजनों के साथ मानवीय व्यवहार की कमी को भी उजागर करता है।
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