किसानों ने लगाया बाहरी हार्वेस्टर पर रोक के प्रयासों पर विराम, प्रशासन से मांगा सहयोग
बैतूल: रबी फसल की कटाई को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए बैतूल जिले के किसानों और हार्वेस्टर मालिकों ने जिला प्रशासन से बाहरी हार्वेस्टरों को रोकने के प्रयासों पर रोक लगाने और समर्थन की मांग की है।
किसानों ने बताया कि पूर्व में बाहरी हार्वेस्टरों को रोकने संबंधित कुछ आवेदन प्रशासन को सौंपे गए थे। हालांकि, मौजूदा स्थिति में किसान समर्थन मूल्य को लेकर पहले ही परेशान हैं। उनका कहना है कि फसलें समर्थन मूल्य पर नहीं बिक रही हैं और सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है, जिससे किसान आर्थिक तंगी और कठिनाइयों से जूझ रहे हैं।
किसानों और हार्वेस्टर मालिकों ने आवेदन में यह भी बताया कि गर्मी के दिनों में आगजनी का खतरा बना रहता है, इसलिए समय पर फसल कटाई अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार, किसानों के लिए सभी हार्वेस्टर मालिक समान हैं और किसी को बाहरी कहकर अपमानित नहीं किया जाना चाहिए।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि किसान भारतीय हैं और देश के किसी भी कोने से आने वाले हार्वेस्टर का स्वागत करते हैं। गर्मी और संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए बाहर से हार्वेस्टर बुलाए गए हैं, लेकिन कुछ लोगों द्वारा इन हार्वेस्टर मालिकों को धमकियां दी जा रही हैं कि वे बैतूल जिले से बाहर निकल जाएं।
किसानों एवं हार्वेस्टर धारकों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी हार्वेस्टिंग धारकों को सरकार से समर्थन दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी प्रकार की दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से किसान नेता रमेश गायकवाड़, महादेवराव कोलेकर, दयाल पटेल, सुरेश, संतोष दुबे तथा हार्वेस्टर संचालक गुरप्रीत सिंह, मनजीत सिंह, सरबजीत सिंह और सुखराज सिंह शामिल हैं।
किसानों ने अपील की है कि सभी लोग दलगत भावना से ऊपर उठकर किसानों को सहयोग और सम्मान दें, ताकि रबी फसल की हार्वेस्टिंग सुचारू रूप से हो सके।

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