सिंगरौली
हाथों में चप्पल-जूते, पैरों में कीचड़… विकास के दावों के बीच फाटपानी टोला के बच्चों की राह बनी मजबूरी
सड़क के अभाव में बरसात में स्कूल पहुंचना चुनौती, वर्षों से ग्रामीण कर रहे हैं पक्के मार्ग की मांग
ऊर्जा नगरी सिंगरौली जहां से प्रदेश और देश को हजारों करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, वहीं जिले के कई ग्रामीण क्षेत्र आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच जनपद पंचायत बैढ़न अंतर्गत ग्राम पंचायत बिहरा के फाटपानी टोला की तस्वीर व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
यहां सड़क के अभाव में स्कूली बच्चों को हर दिन कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। बरसात के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं। कीचड़ से भरी पगडंडी, जगह-जगह भरा पानी और फिसलन भरे रास्ते के कारण बच्चे अपने हाथों में चप्पल-जूते लेकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।
बरसात में गांव का संपर्क टूटने जैसा हाल
ग्रामीणों के अनुसार बारिश शुरू होते ही फाटपानी टोला की स्थिति बेहद खराब हो जाती है। मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को कीचड़ और पानी से होकर गुजरना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ती है।
कई बार आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण गांव का विकास वर्षों से प्रभावित है।
कई बार गुहार, लेकिन नहीं निकला स्थायी समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि फाटपानी टोला में सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। इस संबंध में कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय सड़क निर्माण के वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद समस्या जस की तस रह जाती है।
बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब रास्ते के कारण कई बार बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। बारिश के मौसम में स्कूल जाने से भी डर लगता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराकर बच्चों और ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
विकास के दावों के बीच जमीनी हकीकत
फाटपानी टोला की तस्वीर यह सवाल खड़ा करती है कि जब सिंगरौली जैसे औद्योगिक जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए लोग वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, तो विकास की वास्तविक स्थिति क्या है।
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक फाटपानी टोला के लोगों को कीचड़ भरी राह से मुक्ति मिल पाती है।
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