राष्ट्रीय राजमार्ग-44 की बदहाली पर पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने गडकरी को लिखा पत्र

मालथौन से झिराघाटी तक सड़क की मरम्मत की मांग, टोल बूथ बंद करने की आवाज बुलंद

देवरी। सागर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के मालथौन से झिराघाटी तक की जर्जर सड़क को लेकर पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सड़क की खराब स्थिति और टोल वसूली पर गंभीर सवाल उठाते हुए यादव ने सड़क के पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्य पूर्ण होने तक टोल बूथ बंद करने की अपील की है।

सड़क की जर्जर स्थिति पर चिंता

पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने पत्र में जोर देकर कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-44 देश के महत्वपूर्ण और व्यस्ततम मार्गों में से एक है। मालथौन से झिराघाटी के बीच सड़क की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। जगह-जगह बड़े गड्ढे होने के कारण हजारों वाहन चालकों और यात्रियों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे वाहन काफी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।

अस्थायी समाधानों पर सवाल

पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्थानीय स्तर पर सड़क के रखरखाव के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। ठेकेदार द्वारा गड्ढों की लीपापोती की जाती है, जो कुछ समय बाद फिर खराब हो जाती है। यादव ने सड़क के डिवाइडर पर प्लांटेशन और हरित पट्टी के अभाव का भी उल्लेख किया है।

टोल वसूली पर उठाए सवाल

  • पूर्व मंत्री ने टोल टैक्स वसूली के मुद्दे को उठाया, जिसमें कहा गया कि भारी-भरकम टोल टैक्स के बावजूद सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
  • खराब सड़क के कारण वाहन चालकों को अतिरिक्त समय, ईंधन, मरम्मत खर्च और दुर्घटना के जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।
  • अतः सड़क को सुरक्षित और यातायात योग्य बनाने तक टोल बूथ बंद करने की मांग की गई है।

यात्रियों की सुरक्षा का मामला

हर्ष यादव ने केंद्रीय मंत्री से मामले की गंभीरता को समझते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया है, ताकि मालथौन से झिराघाटी तक एनएच-44 को सुरक्षित और यातायात योग्य बनाया जा सके। यह केवल सड़क की खराब स्थिति का मामला नहीं, बल्कि हजारों यात्रियों की सुरक्षा और जनजीवन से जुड़ा गंभीर विषय है। अब देखना यह है कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है।