गुना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: चक चुरेला की बहुचर्चित चोरी का मात्र 6 दिन में पर्दाफाश, 1.50 करोड़ के सोने के जेवर बरामद

गुना, 09 अगस्त 2026 — जिला गुना के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चक चुरेला में हुई डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की सनसनीखेज चोरी के मामले में गुना पुलिस ने मात्र 6 दिनों के भीतर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस वारदात में शामिल आरोपियों को चिन्हित कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से करीब 1.50 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद किए हैं।

घटना का विवरण

दिनांक 02-03 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि को ग्राम चक चुरेला निवासी श्री बाबूलाल मीना के घर अज्ञात बदमाशों ने धावा बोला था। बदमाश घर में रखी पूरी तिजोरी ही उठा ले गए थे, जिसमें लगभग 2 से 2.5 हजार ग्राम सोने के जेवर, करीब 3 किलोग्राम चांदी के जेवर, 11.50 लाख रुपये नगद और एक हीरो डीलक्स मोटरसाइकिल रखी थी। इस संबंध में थाना फतेहगढ़ में अपराध क्रमांक 175/26, धारा 305(ए), 331(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस की रणनीतिक और वैज्ञानिक कार्रवाई

  • मार्गदर्शन एवं टीम गठन: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन और एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के मार्गदर्शन में विशेष टीमों का गठन किया गया।
  • वैज्ञानिक साक्ष्य और तकनीकी विश्लेषण: फिंगरप्रिंट टीम, डॉग स्क्वाड, और साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया।
  • मुखबिर तंत्र और फील्ड ऑपरेशन: पुलिस टीमों ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश दी।

गिरफ्तारी और बरामदगी

सतत प्रयास और उत्कृष्ट टीमवर्क के चलते 08 अगस्त 2026 को पुलिस ने पारदी गैंग के दो मुख्य आरोपियों को दबोचने में सफलता प्राप्त की:

  • राजु पुत्र कवरया पारदी (उम्र 35 वर्ष)
  • गजानंद पुत्र देवला पारदी (उम्र 48 वर्ष)

गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 985.150 ग्राम वजनी सोने के जेवर (कुल कीमत लगभग 1,47,77,250 रुपये) बरामद किए हैं। शेष फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस चुनौतीपूर्ण चोरी की गुत्थी को सुलझाने में थाना फतेहगढ़, थाना कैंट, थाना धरनावदा, साइबर सेल, और पुलिस लाइन सहित विभिन्न थानों के अधिकारियों व कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा। गुना पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि संपत्ति संबंधी अपराधों के प्रति पुलिस की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पूरी तरह प्रभावी है।