आर्य समाज गुना ने धूमधाम से मनाया 100वाँ स्थापना दिवस

गुना, 26 जुलाई: आर्य समाज गुना ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर आर्य समाज मंदिर में शताब्दी स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ संत विश्वामित्र जी द्वारा शंखनाद से हुआ, जिसके बाद श्री ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने "जयति ओ३म ध्वज व्योम बिहारी" ध्वज वंदना प्रस्तुत की।

वैदिक यज्ञ रहा मुख्य आकर्षण

समारोह का प्रमुख आकर्षण वैदिक यज्ञ था, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विश्व कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के संतुलन की कामना की गई। विद्वानों ने अपने उद्बोधन में बताया कि वैदिक यज्ञ भारतीय संस्कृति में पर्यावरण शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है।

कारगिल विजय दिवस पर वीरों को श्रद्धांजलि

कार्यक्रम में कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियों के माध्यम से शहीदों की आत्मा की शांति एवं राष्ट्र की अखंडता के लिए प्रार्थना की गई।

अतिथियों का स्वागत और उद्बोधन

आर्य समाज गुना के प्रधान श्री विष्णु प्रसाद पंचोली ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य वक्ता श्री चंद्रमोहन मिश्र ने आर्य समाज की स्थापना के उद्देश्यों और समाज में उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

पूर्व छात्रों के अनुभव

विद्यालय के पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके जीवन में आर्य समाज के संस्कारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री हरिदत्त शर्मा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। श्री विनय शास्त्री और श्री मनोज सोनी ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया। समारोह का समापन वैदिक मंगलकामना और शांति पाठ के साथ हुआ।

उपस्थित गणमान्यजन: गणमान्य नागरिकों, विद्वानों, विद्यालय के पूर्व छात्रों, माताओं, बहनों, विद्यार्थियों और आर्य समाज के सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति इस समारोह में रही।