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केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का ग्वालियर से लगाव किसी से छिपा नहीं है, भले ही राजनीतिक षड़यंत्रों में फँस कर और अवसरवादी ताकतों के झांसे में आकर ग्वालियर की जनता ने उनके पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश वासी माधव राव सिंधिया को ग्वालियर छोड़ने पर मजबूर कर दिया हो लेकिन पूरे सिंधिया राजघराने के हृदय में आज भी ग्वालियर की धड़कनें सुनाई देती है। इसके तमाम सारे उदाहरण समय समय पर नजर आते हैं। आज ग्वालियर चम्बल और मध्यप्रदेश ही‌ नहीं अपितु पूरे भारतवर्ष में सिंधिया का नाम विकास का पर्याय बन चुका है यही वजह है कि केन्द्र सरकार ने उन्हें टेलीकॉम सेक्टर के साथ पूर्वोत्तर विकास का बेहद अहम मंत्रालय का जिम्मा सौंपा है। 

अब बात करते हैं सिंधिया का ग्वालियर के प्रति अनुराग समर्पण और स्नेह की। तो ग्वालियर की एकमात्र जीवनधारा यानि तिघरा बांध से लेकर जो सैंकड़ों सालों से लाखों लोगों की प्यास बुझा रहा है ग्वालियर के रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट तक पर सिंधिया राजवंश की छाप लगी है। वहीं दूसरी ओर जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने पिता की जिम्मेदारी सम्भाली‌ तो उन्होंने भी अपने पूर्वजों की भांति ग्वालियर के चहुंमुखी विकास में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वैसे तो ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना के सांसद हैं लेकिन उनका दिल ग्वालियर में धड़कता है। हालांकि गुना के कायाकल्प में भी उन्होंने कोई‌कसर नहीं छोड़ी, अपने दो दिवसीय दौरे पर ग्वालियर के सर्वांगीण विकास कार्यों का निरीक्षण समीक्षा और अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश देने वाले सिंधिया ने हर बार की तरह इस बार भी जमीन पर जाकर एलीवेटेड रोड एक्सप्रेस वे ग्रीन कॉरीडोर रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण समेत तमाम ऐसे विकास कार्यों का जायजा लिया जो देश में ग्वालियर के विकास को एक अलग पहचान देने वाले हैं। 
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एलीवेटेड रोड का निरीक्षण करते हुए अपने साथी मंत्रियों के शारीरिक क्षमता का टेस्ट भी लिया जहाँ एक ओर सिंधिया निर्माणाधीन एलीवेटेड रोड के ऊपर तेज गति से दौड़ते नजर आए तो वहीं दूसरी तरफ उनके मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर तुलसी सिलावट समेत कई नेताओं को हांफ हांफ कर सिंधिया का पीछा करते देखा गया। हालांकि बाद में अपने मंत्रियों की थकान‌ भांपकर सिंधिया जी ने उन्हें जमीन पर ही बैठ कर सुस्ताने का मौका दे दिया।

सिंधिया ने आगरा मुरैना के बीच निर्माणाधीन ग्रीन कॉरीडोर एक्सप्रेस वे का निरीक्षण करते हुए प्रजेंटेशन देने वाले अधिकारियों को ज्ञान भी दिया उन्हें बताया कि प्रोजेक्ट का प्रजेंटेशन कैसे दिया जाता है। वहीं इस प्रोजेक्ट के विषय में सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आभार भी जताया, उनका कहना‌ था कि यदि यह कॉरीडोर बन जाता है तो ग्वालियर से आगरा का सफर मात्र 50 मिनट में तय हो सकेगा। वहीं इस सबके बीच ग्वालियर कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समीक्षा बैठक में सिंधिया ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। जिन प्रोजेक्ट में देरी हो‌ रही है और जनता को परेशानी है उन्हें जल्द पूरा करने पर जोर दिया। वहीं ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि को लेकर कांग्रेस के विधायक और प्रतिनिधि से मुलाकात कर उन्हें जल्दी ही मदद का भरोसा दिया। कह सकते हैं कि अपने ग्वालियर के दौरे पर सिंधिया का हर उठा हुआ कदम निजस्वार्थ की जगह जनहित में नजर आया। और यही वजह है कि अधिकारियों जनप्रतिनिधियों के साथ आम जनता के दिल में सिंधिया का स्थान सबसे अलग और विशिष्ट है। और सिंधिया के दिल में जैसा कि वे मंचों से कहते हैं कि सबसे बढ़कर मेरी आन बान शान ग्वालियर की जनता ये उनकी नस‌ नस में लहू बनकर धड़कता है।