रतलाम में करणी सेना परिवार और जिला प्रशासन के बीच तनाव: कलेक्टर के लिए भाजपा से टिकट की मांग
रतलाम में आज करणी सेना परिवार और प्रशासन के बीच जबरदस्त टकराव हुआ, जो करीब सात घंटे तक सड़क पर जारी रहा। करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर ने कलेक्ट्रेट जाने से रोके जाने पर सिटी फोरलेन पर धरना दिया और 11 सूत्रीय मांगों के माने जाने तक भूख हड़ताल की घोषणा की। साथ ही, उन्होंने कलेक्टर मिशा सिंह को जावरा विधानसभा से भाजपा का टिकट देने की मांग की।
करणी सेना ने खनिज विभाग की अवैध कार्यवाही, कंजर समस्या और देह व्यापार के अवैध अड्डों के खिलाफ विरोध जताते हुए रतलाम कलेक्ट्रेट के घेराव की योजना बनाई थी। लेकिन चार लेयर की बैरिकेडिंग के माध्यम से पुलिस ने उन्हें शहर में प्रवेश से पहले ही रोक दिया। इस घटना के बाद सेजावता से रतलाम शहर तक फोरलेन जाम हो गया, और अब करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर सड़क पर धरने पर बैठे हैं।
प्रशासन पर अपराधियों का साथ देने का आरोप
जीवन सिंह शेरपुर ने प्रशासन और पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि खनिज विभाग बेवजह खाली डंपर का प्रकरण बनाता है और आलोट व जावरा क्षेत्र में कंजर बदमाशों का आतंक बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देह व्यापार के अड्डों पर भी पुलिस का कोई अंकुश नहीं है। उन्होने कलेक्टर मिशा सिंह पर आरोप लगाया कि वह भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर रही हैं।
जनसुनवाई और यातायात बाधित
प्रदर्शन के चलते जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की थी, जिससे शहर में बैरिकेडिंग के कारण जनसुनवाई में आने वाले आवेदक परेशान हुए। करणी सेना की मांग थी कि उन्हें शांति पूर्वक ज्ञापन देने दिया जाए, लेकिन कलेक्टर मिशा सिंह चर्चा के लिए नहीं आईं। इसके बाद जीवन सिंह शेरपुर ने भूख हड़ताल की घोषणा कर दी।
फिलहाल, करणी सेना परिवार का विरोध जारी है और प्रशासन जाम हटाने में असफल रहा है। इस विरोध के चलते शहर में जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

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