रीवा जिले में पीएचई विभाग की लापरवाही: खराब हैंडपंपों से पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण
जवा, रीवा: रीवा जिले के पीएचई विभाग की सुस्ती और लापरवाही के कारण ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जिले के कई ग्राम पंचायतों में हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को या तो खुद के पैसों से इन्हें ठीक कराना पड़ता है या फिर दूर दराज से पानी लाना पड़ता है।
जिले के कार्यपालन यंत्री से लेकर एसडीओ और अन्य कर्मचारी क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बजाय रीवा में बैठकर नौकरी कर रहे हैं। जब ग्रामीण अधिकारी या कर्मचारियों से संपर्क करने की कोशिश करते हैं, तो फोन पर भी उनकी उपलब्धता नहीं होती।
गर्मी का मौसम और पानी की किल्लत: गर्मी के मौसम में पानी की कमी और बढ़ जाती है। इसके बावजूद पीएचई विभाग और जिला प्रशासन की उदासीनता बनी हुई है।
जवा जनपद पंचायत के सरपंच धनेंद्र द्विवेदी ने जानकारी दी कि पुराणिकपूर्वा, अतरैला, जवा, रिमारी, पटेहरा, इटमा, भड़रा, पटहट, रौली, पुरैना, लूक, भंनिग़वा, जनकहाई, बडाछ, अन्दवा, गढ़ा 137, गढ़ा 138, महूहाटोला, मॉडन, इटौरी, बेलगवा, इटावा, सलैया गौहाना सहित कई गांवों में हैंडपंप खराब हैं।
फर्जी बिल और अधिकारियों की मिलीभगत: ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और रीवा में बैठे अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी बिल और वाउचर बनाकर राशि निकाल ली जाती है। इस कारण गांव के गरीब लोग नदी-नालों का गंदा पानी पीने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
सरपंच द्विवेदी ने चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो जवा जनपद पंचायत के सभी सरपंच साथी और जनता पीएचई विभाग के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने जिला कलेक्टर से तुरंत हस्तक्षेप कर हैंडपंपों की मरम्मत कराने की मांग की है।
यह समय है कि जिला प्रशासन और पीएचई विभाग अपनी जिम्मेदारियों को समझें और ग्रामीणों की जल समस्या का समाधान करें, ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो।

Continue With Google
Comments (0)