आदमखोर हमले के बाद वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बाघिन T-27 का सफल रेस्क्यू
लोकेशन: मंडला
रिपोर्टर: योगेश चौरसिया
कान्हा टाइगर रिजर्व से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बफर क्षेत्र में महिला की जान लेने वाली समस्या बाघिन टी-27 को वन विभाग ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया है। बाघिन को विशेष वाहन से वन विहार, भोपाल भेज दिया गया है, जिसके बाद आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
2 अगस्त की देर रात, कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर जोन के खापा परिक्षेत्र स्थित पर्रापुर गांव के स्कूल टोला में बाघ के हमले में 45 वर्षीय सुगनी बाई बैगा की दुखद मृत्यु हो गई थी। इस घटना के बाद, कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने पूरे इलाके में अलर्ट जारी किया, कैमरा ट्रैप लगाए, गश्ती दल तैनात किए और हाथियों की मदद से सतत सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
सर्चिंग के दौरान, लगभग 14 वर्षीय मादा बाघिन टी-27 गांव के आसपास घूमती मिली। वन विभाग के अनुसार, यह बाघिन पहले भी ग्रामीण क्षेत्रों के करीब देखी जाती रही थी। स्थिति को देखते हुए, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) से अनुमति मिलने के बाद, सोमवार दोपहर विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
क्षेत्र संचालक रवींद्र मणि त्रिपाठी और उप संचालक (बफर) अमिता के.बी. के मार्गदर्शन में हाथी दल की मदद से बाघिन को सुरक्षित तरीके से ट्रैंकुलाइज किया गया। वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान पाया कि बाघिन के कैनाइन दांत काफी घिस चुके हैं, जिससे वह आसान शिकार की तलाश में गांवों की ओर आ रही थी।
फिलहाल, ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाघिन को विशेष परिवहन वाहन से वन विहार भोपाल भेज दिया गया है। वहीं, वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव की गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें और स्वयं किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं।
बाइट: रविन्द्र मणि त्रिपाठी, फील्ड डायरेक्टर, कान्हा टाइगर रिजर्व, मंडला
Continue With Google
Comments (0)