कट्ठीवाड़ा। आनंद, ऊर्जा और आदिम उल्लास के प्रतीक भगोरिया पर्व पर क्षेत्र में ग्रामीणों में मस्ती और सुरूर दिखाई दिया। ग्रामीणों की गैर, ढोल, मांदल और बांसुरी की लय ताल के साथ, पूरे मेले स्थल पर आती जाती रही। भगोरिया पर्व पर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिए आठ सीसीटीवी और एक ड्रोन कैमरे के साथ पुलिस दल, चाकचौबंद और सतर्क बना रहा।
राजनीतिक दलों की गैर नहीं निकली
चंद्रशेखर आजाद नगर में आजाद के बलिदान दिवस पर प्रदेश के सीएम मोहन यादव की सभा के चलते और इस अवसर पर, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की विशाल रैली निकालने की घोषणा के चलते, दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता सीएस आजाद नगर में ही थे। कार्यकर्ताओं के आजाद नगर में होने से क्षेत्र का भगोरिया राजनीतिक गहमागहमी से मुक्त रहा।
पिछली बार से भगोरिया हाट का क्षेत्रफल बढ़ा
गुजरात के सीमावर्ती अंचलों और आलीराजपुर, आजादनगर आंचलिक क्षेत्रों के आदिवासी ग्रामीण भी भगोरिया मेले में नजर आए। मेला स्थल, पुलिस थाना प्रांगण से लगाकर गांधी चौक, झंडा चौक और कवछा पंचायत के मुख्य बाजार तक फैला हुआ था। यहां ग्रामीणों ने अच्छी खरीदारी की।
मेले का प्रबंधन अच्छा, झूले चकरी की कमी से ग्रामीणों में निराशा
भगोरिया मेले में ग्राम पंचायत का प्रबंधन बढ़िया रहा, भगोरिया में आए दुकानदारों को जगह देने और उनके बीच किसी तरह के विवाद की घटनाएं सामने नहीं आई। ग्रामीण अंचल से आए युवक युवतियों ने कट्ठीवाड़ा भगोरिया में झूले चकरी के न होने से निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आगामी मेले में झूले चकरी और मेले के अन्य आकर्षणों को अगर लाया जाए तो भगोरिया मेले की रौनक कई गुना बढ़ जाएगी।

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