कट्ठीवाड़ा। एक भीषण आगजनी ने जहां एक परिवार का सब कुछ छीन लिया, वहीं मानवता की एक संवेदनशील तस्वीर उस वक्त सामने आई जब जोबट विधायक सेना महेश पटेल खुद पीड़ितों के आंसू पोंछने उनके घर पहुंचीं।

कट्ठीवाड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत खामडका के अंतर्गत आने वाले केवड़ी (पुजारा फलिया) में हाल ही में लगी भीषण आग ने बचला पिता गमजी के परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते घर, राशन, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और बच्चों की मार्कशीट तक राख हो गई। दर्द की हद तब पार हो गई जब घर में बंधी दो भैंसें भी आग की भेंट चढ़ गईं।

👉 जान बची… पर सब कुछ चला गया।

💔 दर्द देखकर भावुक हुईं विधायक

घटना की खबर मिलते ही विधायक सेना महेश पटेल मौके पर पहुंचीं। परिवार की स्थिति देखकर वे खुद भावुक हो उठीं। उन्होंने पीड़ितों को ढांढस बंधाते हुए कहा—

“आप अकेले नहीं हैं, हर संभव मदद की जाएगी।”

उन्होंने तत्काल अपनी विधायक निधि से ₹50,000 की सहायता की घोषणा की और मौके पर ही कपड़े, गेहूं और मक्का जैसी राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई।

📞 मौके से ही कलेक्टर को कॉल — बच्चों के भविष्य की चिंता

विधायक ने वहीं से कलेक्टर से फोन पर चर्चा कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

उन्होंने खास तौर पर बच्चों की जली हुई मार्कशीट और दस्तावेजों का मुद्दा उठाया और निर्देश दिए कि:

बच्चों के दस्तावेज तुरंत दोबारा बनवाए जाएं

उनकी पढ़ाई किसी भी हाल में प्रभावित न हो

👉 यह सिर्फ मदद नहीं, बल्कि भविष्य को बचाने की पहल थी।

🏠 घर, मुआवजा और अतिरिक्त मदद की मांग

विधायक ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि:

पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा दिया जाए

प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम जोड़कर घर उपलब्ध कराया जाए

रेड क्रॉस के माध्यम से अतिरिक्त आर्थिक सहायता दिलाई जाए

⚠️ जमीनी हकीकत पर भी उठाए सवाल

इस दौरान विधायक ने क्षेत्र में सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी पर भी चिंता जताई।

उन्होंने साफ कहा कि:

“सरकार के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है, ग्रामीण आज भी संघर्ष कर रहे हैं।”

🤝 संवेदनशीलता की मिसाल

इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष, कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस मानवीय पहल की रही जिसने एक टूटे हुए परिवार को उम्मीद दी।

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👉 क्या हम ऐसे समय में एक-दूसरे का सहारा बन पा रहे हैं?

👉 क्या प्रशासन इस परिवार को जल्द न्याय और राहत दिला पाएगा?

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