नर्मदा बचाओ आंदोलन के तत्वावधान में महिला दिवस मनाया, कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन

बड़वानी -गांव या जिले की नहीं, बल्कि भारत और विश्व में हमारा स्थान नारी शक्ति के रुप में है। हमारी सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, रोजगार से हमें कोई वंचित नहीं रख सकता। हमें हर संवैधानिक और मानव अधिकार सुनिश्चित हो। यह मांग नबआं नेत्री मेधा पाटकर सहित महिलाओं ने की। महिला दिवस पर शहर में नबओं के नेतृत्व में अर्जुन कारज भवन में
कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें मेधा पाटकर सहित महिलाओं ने अपने हक, अधिकार को लेकर अपनी बात रखी। घाटी की महिलाओं ने कहा कि बड़वानी, धार, खरगोन, अलीराजपुर जिले के गांव में जो टिनशेड या शासकीय भवन में 2019 में रहने के लिए मजबूर हैं, उनको डूबग्रस्त का दर्जा प्राप्त नहीं है। ऐसी महिलाएं कितना दर्द भुगत रही है। टिनशेड में बूड़े-बच्चों के साथ बिन सुविधा रहना कितना मुश्किल है। पुनर्वास से नकारना हमें मंजूर नहीं है। भूखंड मिले न मकान निर्माण के 5.80 लाख रुपए, ऐसे में डूब से बाहर
करने पर ध्वस्त होना या बेघर होकर रहना पड़ा है। ऐसे परिवारों को तत्काल न्याय दिया जाए। पुनर्वास बसाहटों में बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं दी जाए। 2023 में उच्च बैकवाटर लेवल से आई डूब की नुकसानी के मद्दे पर त्वरित निराकरण कराया जाए। मछुआरा समाज, नाविक समाज की महिलाओं को आजीविका की सुरक्षा दी जाए। साथ ही महिला हिंसा, शराबबंदी, महिला अत्याचार के मुद्दे भी उठाए। इसके बाद महिलाएं रैली के रुप में कलेक्टर कार्यालय पहुंची। यहां नायब तहसीलदार सोनू गोयल को मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सेवंती बड़ोले, विमला कनेरा, दुर्गाबाई दौलत, सुशीला नाथ, अंजली राजू, फुंदीबाई पन्नालाल, बसुबाई विश्राम बड़ोले, दीपिका प्रभुनाथ सहित विभिन्न घाटी के गांवों की महिलाएं मौजूद रही।