अव्यवस्थाओं में उलझा राष्ट्रीय कृषि एक्सपो, खाली कुर्सियों को संबोधित करते नजर आए केंद्रीय मंत्री ....
बुधनी। केंद्रीय कृषि एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित राष्ट्रीय कृषि एक्सपो अव्यवस्थाओं और प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आया। बड़े स्तर पर प्रचारित इस तीन दिवसीय आयोजन की शुरुआत ही भ्रम और असमंजस के बीच हुई, जिससे आयोजन की साख पर सवाल खड़े हो गए।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आगमन को लेकर शुरुआत से ही स्थिति स्पष्ट नहीं रही। तय समय पर उनके नहीं पहुंचने से मंच और मैदान दोनों पर अव्यवस्था का माहौल बन गया। अंततः स्थानीय विधायक ने कार्यक्रम की कमान संभालते हुए औपचारिक शुभारंभ कराया।
मंगलवार को जब केंद्रीय मंत्री कार्यक्रम में पहुंचे, तब तक हालात बदल चुके थे। भीषण गर्मी और अपर्याप्त व्यवस्थाओं के चलते बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं पहले ही कार्यक्रम स्थल छोड़कर जा चुके थे। मंत्री के संबोधन से पहले ही कुर्सियां खाली नजर आईं, जिससे आयोजन की वास्तविक स्थिति उजागर हो गई।
व्यवस्थाओं की खुली पोल
कार्यक्रम स्थल पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव साफ नजर आया। दर्शक दीर्घा में न तो पंखों की व्यवस्था थी और न ही कूलर लगाए गए थे, जिससे तेज गर्मी में मौजूद लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों के लिए लगाए गए इस एक्सपो में उनकी सुविधाओं को ही नजरअंदाज कर दिया गया।
प्रचार और हकीकत में अंतर
आयोजन को लेकर जिस स्तर का प्रचार-प्रसार किया गया था, जमीनी हकीकत उससे बिल्कुल उलट दिखी। अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाई और व्यवस्थाएं भी औसत से नीचे रहीं। इससे आयोजन की तैयारियों पर सवाल उठना स्वाभाविक हो गया है।
राजनीतिक समन्वय में भी कमी
मंच पर लगे मुख्य फ्लेक्स में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तस्वीर शुरू में नजर नहीं आई। बाद में कार्यक्रम शुरू होने से करीब एक घंटे पहले आनन-फानन में उनकी तस्वीर अलग से लगाई गई, जो आयोजन में समन्वय की कमी को दर्शाता है।

किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित यह राष्ट्रीय कृषि एक्सपो अव्यवस्थाओं के कारण अपनी चमक खोता नजर आया। यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो ऐसे आयोजन केवल औपचारिकता बनकर रह जाएंगे।