किसानों के साथ अन्याय नहीं सहेंगे: ऋण वसूली की तारीख 30 अप्रैल तक बढ़ाएं - निलय डागा
बैतूल जिले में किसानों के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। खेतों में गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार खड़ी है, लेकिन जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बैतूल ने ऋण वसूली के लिए दबाव बढ़ा दिया है।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय डागा ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जब तक खेतों में फसल की कटाई नहीं हो जाती और गेहूं खरीदी का काम शुरू नहीं होता, तब तक ऋण चुकाने पर दबाव बनाना अव्यवहारिक है।
श्री डागा ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा, "सरकार किसानों की मौजूदा स्थिति को नजरअंदाज कर केवल कागजी समय सीमा पर जोर दे रही है।" उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब किसानों के पास अभी उनकी उपज की आय नहीं आई है, तो वे ऋण कैसे चुकाएंगे?
उन्होंने बताया कि लाउडस्पीकर के माध्यम से ऋण वसूली की घोषणा की जा रही है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति जिला बैतूल के माध्यम से किसानों को सूचित किया जा रहा है कि वे समय सीमा के भीतर ऋण जमा करें, अन्यथा उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
- ऋण वसूली की मुनादी, फसल अब भी खड़ी
- ऋण वसूली की अंतिम तिथि 30 अप्रैल तक बढ़ाने की मांग
निलय डागा ने मांग की है कि ऋण वसूली की अंतिम तिथि 30 अप्रैल तक बढ़ाई जाए ताकि किसान अपनी फसल बेचकर आर्थिक रूप से व्यवस्थित हो सकें। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं के लाभ से वंचित करना और लाउडस्पीकर से वसूली की मुनादी करना उचित नहीं है।
श्री डागा ने अंत में कहा कि किसान पहले ही महंगाई और बाजार की अनिश्चितता से जूझ रहे हैं। ऐसे में कर्ज वसूली की जल्दबाजी उनके लिए और कठिनाई पैदा कर रही है।

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