दूसरों की जमीन पर डकार रहे सरकारी लाभ

एक ही सर्वे नंबर पर दो-दो फसलों का पंजीयन, रसूखदारों के आगे बौना साबित हो रहा प्रशासन

मुंगावली। सेवा सहकारी समिति मर्यादित ओडेर वर्तमान में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े का केंद्र बनती जा रही है। यहां पर भावांतर योजना से लेकर वर्तमान में चल रहे गेहूं, मसूर, चना और सरसों के पंजीयन में रसूखदारों द्वारा कागजों की हेराफेरी कर फर्जी पंजीयन का मामला सामने आया है। सबूतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की सुस्त कार्रवाई से फर्जीवाड़ा करने वालों के हौसले बुलंद हैं।

प्रमुख गड़बड़ियां

  • सेवा सहकारी समिति द्वारा किए गए पंजीयन में एक ही रकबा नंबर पर दो फसलों का पंजीयन पाया गया है।
  • बलवीर दांगी एवं गोविंद शर्मा जैसे लोगों ने फर्जी पंजीयन कर लाभ उठाया है।
  • गोविंद शर्मा के पास केवल 0.345 हेक्टेयर भूमि होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की भूमि को अपनी बताकर पंजीयन किया।

फर्जीवाड़े के उदाहरण

बलवीर दांगी ने 222460020623 किसान कोड पर कई सर्वे नंबरों जैसे 190/1, 190/2/2, 191/2 पर फसलों का पंजीयन करा कर भावांतर योजना का लाभ उठाया। इसी प्रकार, गोविंद शर्मा ने 251462400079 किसान कोड पर एक ही सर्वे नंबर पर गेहूं और सरसों दोनों का पंजीयन किया।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

अशोक नगर के कलेक्टर साकेत मालवीय ने कहा, "एसडीएम से चर्चा कर पंजीयन वाले मामले को दिखवाता हूं।"

फर्जीवाड़े के ये मामले प्रशासन की सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। अगर अन्य सोसाइटियों की भी जांच की जाए तो इस प्रकार के और भी फर्जीवाड़े सामने आ सकते हैं।