ओंकारेश्वर 

तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं का आगमन होता है, वहीं इस भीड़भाड़ के बीच दो ऑटो चालकों ने अपनी ईमानदारी से एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र पिता विजय गायकवाड़ एवं अनिल पिता पूनमचंद गायकवाड़, जो ओंकारेश्वर क्षेत्र में ऑटो चलाते हैं, को दंडी आश्रम तिराहे पर एक यात्री का गुम हुआ पर्स मिला। पर्स में लगभग 15 से 16 हजार रुपये नकद रखे हुए थे।

दोनों चालकों ने बिना किसी लालच के तुरंत पर्स को सुरक्षित रखते हुए थाना मांधाता पहुंचकर पुलिस को सौंप दिया।

इस संबंध में थाना मांधाता के हेड मोहर्रम भगवान धनगर ने बताया कि ओंकारेश्वर में भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में इस प्रकार की ईमानदारी न केवल सराहनीय है बल्कि यह आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विश्वास का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि सभी वाहन चालकों को इस प्रकार की भावना अपनानी चाहिए।

वहीं, थाना प्रभारी अनोखसिंह सिंदया ने भी दोनों ऑटो चालकों की प्रशंसा करते हुए उनकी ईमानदारी को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

 इस घटना ने यह साबित कर दिया कि आज भी समाज में ईमानदारी जीवित है और ऐसे लोग ही दूसरों के लिए उदाहरण बनते हैं।